नालागढ़ में लगेंगे ग्रीन हाइड्रोजन; इथेनॉल और एपीआई उद्योग।
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ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार से मक्का आधारित इथेनॉल का खरीद मूल्य 75 रुपये प्रति लीटर करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा दरों पर इथेनॉल उत्पादन अलाभकारी हो गया है। उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम (EBP) के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी मांगा है। यह मांग सोमवार को की गई।
यह मांग ऐसे समय में आई है जब भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की ओर से निविदा जारी की है। इस निविदा में नवंबर से शुरू होने वाले आपूर्ति वर्ष के लिए करीब 11 अरब लीटर इथेनॉल की मांग की गई है। इसका उद्देश्य पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण की आवश्यकता को पूरा करना है। बीपीसीएल ने मक्का आधारित इथेनॉल के लिए प्रोत्साहन राशि घटा दी है। इससे खरीद मूल्य 71.86 रुपये प्रति लीटर से घटकर 68.86 रुपये प्रति लीटर हो गया है। एआईडीए के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि मौजूदा कीमतों पर इथेनॉल निर्माता लाभ नहीं कमा पाएंगे। एक साल पहले मक्के की कीमत 17-18 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 27 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। उन्होंने ब्याज बोझ सहित अन्य लागतों का भी जिक्र किया।
डिस्टिलर्स को क्यों चाहिए अधिक दाम?
विजेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि कीमतें बढ़ाकर 75 रुपये प्रति लीटर की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इथेनॉल संयंत्र अपनी 100 फीसदी क्षमता पर काम नहीं कर रहे हैं। कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,000 करोड़ लीटर है। इसमें से 1,300 करोड़ लीटर क्षमता अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्रों में है। मक्का आधारित इथेनॉल उत्पादन में कच्चे माल की खरीद, प्रसंस्करण और परिचालन लागत काफी अधिक होती है। अनाज आधारित डिस्टिलरीज में निवेश बनाए रखने के लिए उचित प्रोत्साहन समर्थन महत्वपूर्ण है।
क्या है इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का रोडमैप?
एसोसिएशन ने सरकार से इथेनॉल मिश्रण के प्रतिशत को मौजूदा 20 फीसदी से धीरे-धीरे बढ़ाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह फ्लेक्स वाहनों को भी बढ़ावा देने का आग्रह किया। एआईडीए ने पहले इथेनॉल आपूर्ति वर्ष (ESY) 2026-27 की निविदा में केंद्र के संतुलित दृष्टिकोण की सराहना की थी। एसोसिएशन का मानना है कि किसी एक फीडस्टॉक को दूसरों की कीमत पर अनुचित रूप से प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए। सभी व्यवहार्य फीडस्टॉक को उचित नीतिगत समर्थन और लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए।
एफसीआई चावल आधारित इथेनॉल का क्या होगा?
एआईडीए ने एफसीआई चावल आधारित इथेनॉल के खरीद मूल्यों में भी वृद्धि की मांग की है। मौजूदा खरीद मूल्य 60.32 रुपये प्रति लीटर पर, एफसीआई चावल की खरीद और प्रसंस्करण की लागत डिस्टिलर्स के लिए बहुत कम मार्जिन छोड़ती है। कई मामलों में तो यह उत्पादन को आर्थिक रूप से अलाभकारी बना देती है। यह घरेलू कृषि आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा। साथ ही, मक्का किसानों के लिए स्थिर बाजार अवसर भी पैदा करेगा।