कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अगर आपका कोई पुराना प्रोविडेंट फंड (पीएफ) खाता है, जो वर्षों से निष्क्रिय पड़ा है या जिसका विवरण आपको याद नहीं है, तो उसे ट्रैक करना और सक्रिय करना अब बेहद आसान होने वाला है। श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को घोषणा की कि EPFO इस उद्देश्य के लिए जल्द ही एक नया वेब पोर्टल 'E-PRAAPTI' लॉन्च करेगा। यह कदम उन कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से मददगार साबित होगा जिनके पुराने खाते 2014 से पहले के हैं, जब यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की व्यवस्था शुरू नहीं हुई थी।
मंत्री मंडाविया के अनुसार, 'E-PRAAPTI' (Employee Provident Fund Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) एक सुव्यवस्थित आधार-आधारित प्रमाणीकरण तंत्र पर काम करेगा।
इस नए प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य मानवीय हस्तक्षेप को कम करना, दस्तावेजों की आवश्यकता को न्यूनतम करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ाना है। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि 'E-PRAAPTI' के दायरे का विस्तार करने पर भी विचार किया जा रहा है। भविष्य में इसमें उन सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा जो अपनी पुरानी मेंबर आईडी को याद रखने या एक्सेस करने में असमर्थ हैं।
ईपीएफओ अपनी प्रक्रियाओं को लगातार डिजिटल और तेज बना रहा है, जिसके परिणाम आंकड़ों में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। मंत्री मंडाविया ने बताया कि EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 8.31 करोड़ दावों का निपटान किया है, जो वित्त वर्ष 2025 में 6.01 करोड़ था।
अप्रैल 2026 में ही 61.03 लाख दावों का निपटान किया गया, जिसमें से लगभग 74 प्रतिशत पीएफ अग्रिम दावे ऑटो मोड के माध्यम से संसाधित किए गए और 98.70 प्रतिशत दावे 20 दिनों से कम समय में निपटाए गए। यह नया पोर्टल EPFO की डिजिटल पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सदस्यों को उनकी पुरानी बचत तक आसान पहुंच प्रदान करेगा।