रिटायरमेंट फंड संगठन ईपीएफओ में अगस्त के दौरान करीब 10.05 लाख नए नामांकन कराए गए, जो जुलाई माह के 7.48 लाख के आंकड़े से करीब ढाई लाख ज्यादा है। ताजा पेरोल डाटा के ये आंकड़े कोरोना वायरस महामारी के बीच में औपचारिक सेक्टर में रोजगार पर एक दृष्टिकोण पेश कर रहे हैं। इस साल हर महीने औसतन सात लाख कर्मचारियों के ईपीएफओ में नए नामांकन किए गए हैं।
ईपीएफओ की तरफ से पिछले महीने जारी किए गए अनंतिम पेरोल डाटा में जुलाई महीने का नामांकन 8.45 लाख दिखाया गया था, लेकिन बाद में इसे संशोधित करते हुए घटाकर 7.48 लाख कर दिया गया था। मई में जारी पेरोल डाटा के हिसाब से इस साल मई में 10.21 लाख नए नामांकन के मुकाबले मार्च में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में नए नामांकन कोराना वायरस महामारी के कारण घटकर 5.72 लाख ही रह गए थे।
मंगलवार को जारी ताजा डाटा के हिसाब से अप्रैल में नए नामांकन का आंकड़ा निगेटिव (-1,04,608) में रहा, जबकि सितंबर में जारी आंकड़ों में यह माइनस (-) 61,807 यानी इस दौरान ईपीएफ से जुड़ने या दोबारा जुड़ने वालों के बजाय खाता बंद कराने वालों की संख्या ज्यादा रही। जुलाई में जारी अनंतिम डाटा में अप्रैल में नया नामांकन एक लाख दिखाया गया था, जबकि अगस्त में यह संशोधित होकर महज 20,164 रह गया।
इसके बाद सितंबर में आए आंकड़ों में अप्रैल का नामांकन और ज्यादा घटाते हुए माइनस (-) 61,807 कर दिया गया। अप्रैल के अलावा मई के लिए भी पिछले महीने जारी डाटा में अनुमानित 40,551 नए नामांकन को घटाकर इस महीने आई रिपोर्ट में माइनस (-) 35,336 कर दिया गया है।
पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले इस बार ज्यादा खाते
पिछले वित्त वर्ष के 61.12 लाख नए ईपीएफ खातों के मुकाबले चालू वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान नए सब्सक्राइबरों की संख्या 78.58 लाख रही है। ईपीएफओ ने अप्रैल-2018 से हर महीने जुड़ने वाले नए खातों का पेरोल डाटा जारी करना शुरू किया था। इसे शुरू करते समय सितंबर-2017 से डाटा जारी किया गया था। सितंबर-2017 से अगस्त-2020 तक के डाटा के हिसाब से नए ईपीएफ खाते खोलने वालों की संख्या 1.75 करोड़ से ज्यादा रही है। ईपीएफओ के फिलहाल 6 करोड़ से ज्यादा सक्रिय खाताधारक हैं।