फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EPFO New Rules: ईपीएफ से पैसा निकालना कितना हुआ आसान? पांच प्वाइंट्स में समझें सारी बारीकियां एक ही जगह पर

Mon, 13 Oct 2025 10:17 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

EPFO New Rules: ईपीएफओ ने आंशिक निकासी के नियमों को सरल और उदार बनाया है। अब सदस्य आवश्यकताओं, आवास और विशेष परिस्थितियों के तहत 100% तक निकासी कर सकते हैं। न्यूनतम सेवा अवधि 12 माह कर दी गई है और दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी। पांच प्वाइंट्स में समझें ईपीएफओ के फैसले का पूरा सार।
विज्ञापन
ईपीएफओ के नए नियम - फोटो : amarujala.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने सदस्यों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आंशिक निकासी के नियमों को सरल और लचीला बना दिया है। अब ईपीएफ खाताधारक अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अधिक आसानी से और पारदर्शिता के साथ पैसा निकाल सकते हैं। इन बदलावों से न केवल प्रक्रिया तेज़ होगी, बल्कि सदस्यों को वित्तीय संकट के समय त्वरित सहायता भी मिल सकेगी। नीचे दिए गए पांच प्रमुख बिंदुओं से यह स्पष्ट होता है कि ईपीएफओ से पैसा निकालना अब पहले से कितना आसान हो गया है।

1. निकासी के नियमों को आसान बनाया गया

अब ईपीएफ योजना के तहत आंशिक निकासी के लिए 13 जटिल प्रावधानों को मिलाकर केवल तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ये हैं आवश्यक जरूरतें (बीमारी, शिक्षा, शादी), आवास संबंधी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां। इससे प्रक्रिया सरल और समझने में आसान हो गई है।

2. 100% तक आंशिक निकासी की अनुमति  

अब इपीएफ के सदस्य कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान सहित अपने खाते से 100% तक की राशि आंशिक रूप में निकाल सकते हैं। पहले यह सीमा सीमित थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से उदार बना दिया गया है।

3. न्यूनतम सेवा अवधि में कटौती 

पहले आंशिक निकासी के लिए अलग-अलग मामलों में अलग-अलग सेवा अवधि की आवश्यकता होती थी। अब इसे सभी प्रकार की निकासी के लिए केवल 12 महीने कर दिया गया है, जिससे नए कर्मचारियों को भी जल्दी लाभ मिल सकेगा।

4. दस्तावेजों की जरूरत खत्म

विशेष परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक आपदा, बेरोजगारी आदि में अब ईपीएफ खाते से पैसा निकालने के लिए कारण बताने की जरूरत नहीं है। सदस्य बिना किसी कारण बताए इस श्रेणी में निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे दावों के अस्वीकृत होने की संभावना कम हो गई है।

5. न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की व्यवस्था 

ईपीएफओ ने सदस्य के खाते में 25% राशि को न्यूनतम बैलेंस के रूप में बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। इससे सदस्य को ईपीएफओ की ओर से दिए जाने वाले उच्च ब्याज दर (वर्तमान में 8.25% प्रतिवर्ष) का लाभ मिलता रहेगा और उनका रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही ग्राहक को चक्रवृद्धि ब्याज भी मिलती रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें