प्रवर्तन निदेशालय ने 27,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी में एंटी-मनी-लॉन्ड्रिंग कानून के तहत एमटेक समूह की 557 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां कुर्क कीं हैं। इससे पहले बीते साल भी ईडी ने समूह के खिलाफ इसी मामले में कार्रवाई की थी। तब कंपनी की 5,115.31 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 27,000 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में दिवालिया हो चुकी ऑटोमोटिव उपकरण बनाने वाली कंपनी की 550 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की। अटैच की गई संपत्तियों में राजस्थान और पंजाब में 145 एकड़ जमीन, दिल्ली-एनसीआर में कुछ संपत्तियां शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 342 करोड़ रुपये है, इसके अलावा 112.5 करोड़ रुपये की सावधि जमा, 123.9 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर, म्यूचुअल फंड और एआईएफ (वैकल्पिक निवेश फंड) में निवेश भी शामिल है।
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संघीय जांच एजेंसी ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई एमटेक ऑटो लिमिटेड, एआरजी लिमिटेड, एसीआईएल लिमिटेड, मेटालिस्ट फोर्जिंग लिमिटेड, कास्टेक्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और एमटेक समूह के प्रमोटर अरविंद धाम के अलावा कुछ अन्य के खिलाफ की गई।
पिछले साल सितंबर में एजेंसी ने इस मामले में 5,115.31 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी, 2024 को ईडी को एमटेक ऑटो समूह की ओर से 27,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच करने का आदेश दिया था। ईडी ने जांच के तहत धाम को गिरफ्तार किया था और पिछले साल सितंबर में उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।