निर्माणाधीन इमारत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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संक्रमण की दूसरी लहर का मकानों के निर्माण कार्य पूरा होने पर भी असर पड़ेगा। संपत्ति सलाहकार फर्म एनारॉक ने कहा है कि लॉकडाउन और पाबंदियों की वजह से देश के सात प्रमुख शहरों में 4.22 लाख मकानों के निर्माण कार्य में देरी हो सकती है। इन्हें 2021 अंत तक पूरा किया जाना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी लहर का सबसे ज्यादा असर दिल्ली एनसीआर पर पड़ेगा। यहां 28 % मकानों के निर्माण में देरी हो सकती है। दिल्ली एनसीआर में 2021 तक डिलीवरी होने वाले कुल मकानों में 72 फीसदी बिक चुके हैं। जबकि 28 फीसदी बाकी हैं। 1.18 लाख मकानों की खरीदरों का इंतजार है।
1.69 लाख किफायती मकानों पर भी संकट
एनारॉक का कहना है कि कुल 4.22 लाख मकानों में 40 फीसदी (करीब 1.69 लाख) किफायती श्रेणी के हैं, जिनकी कीमत 40 लाख रुपये से कम है। 35 फीसदी यानी 1.48 लाख मकान मिड-सेगमेंट के हैं, जिनकी कीमत 40 से 80 लाख रुपये के बीच है।