ईको फ्रेंडली इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलॉजी को समर्पित पाँचवे ईवी एक्सपो 2017 की शुरुआत हुई। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत जल्द ही इलेक्ट्रिक व्हीकल का भविष्य में नंबर वन एक्सपोर्टर बनेगा।
इस अवसर पर गडकरी ने कहा " मेरा मानना है कि इस देश के गरीब रिक्शा चालक जो कि सवारियों को बहुत शारीरिक श्रम से साइकिल रिक्शा पर ढोते थे, उनके लिए ई-रिक्शा लाकर इस अमानवीय प्रथा से मुक्ति दिलाना मेरे जीवन का सबसे बड़ा काम होगा। मैं इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री का धन्यवाद करता हूं की वह उन्होंने ई-रिक्शा उपलब्ध करा कर लाखों लोगों को काम दिलाने के साथ-साथ उनको शोषण से मुक्त कराया है।
अब इन लोगों के लिए भी बने ई-रिक्शा
गडकरी ने आगे कहा कि इस देश में 1 करोड़ लोग जो अभी भी साइकिल रिक्शा से माल और सवारी ढोते हैं, उन तक ई-रिक्शा पहुंचाना इस इंडस्ट्री के सामने बहुत बड़ा अवसर है, जिसका उन्हें पूरा लाभ उठाना चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल उत्पादकों को अपनी गुणवत्ता और मापदंड का ख्याल रखने की सलाह दूंगा ताकि यह उद्योग काफी तरक्की कर सके।
8 रुपये आती है चलाने की कॉस्ट
गडकरी ने कहा कि पेट्रोल वाहन पर 80 रुपये और डीजल गाड़ी पर 60 रुपये प्रति लीटर की कॉस्ट आती है। इसके मुकाबले इलेक्ट्रिक व्हीकल को चलाने की कीमत सिर्फ 8 रुपये आती है और वह भी बिना प्रदूषण के, तो कौन नहीं इसे अपनाना चाहेगा। अगले दो सालों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स तेजी से आगे बढ़ेंगे।
100 से अधिक कंपनियां ले रही हैं भाग
100 से अधिक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय ई-वहिक्ल कम्पनियां इस एक्सपो में अपने प्रदूष्ण रहित नवीनतम 2, 3, 4 पहिया इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे कि ई-रिक्शा, ई-कार्ट्स, ई-बाइक, ई-स्कूटर, ई-साइकिल, ई-लोडर तथा 4 पहिए वाली ई-बसें प्रदर्शित कर रहे हैं । एक्सपो में एक बहुत ही महत्वपूर्ण लिंक - लिथियम आयन बैटरियां भी प्रदर्शन पर हैं। बहुत सारी कंपनियां ई-रिक्शा के साथ साथ नवीनतम इलेक्ट्रिक स्कूटर भी इस एक्सपो में लेकर आये हैं।