ईएफटीए अधिकारियों ने पीयूष गोयल के साथ की बैठक।
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नॉर्व के व्यापार मंत्री और स्विस आर्थिक मामलों के राज्य सचिव ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के सदस्य देशों के बीच बढ़ते संबंधों की सराहना की। ईएफटीए के सदस्य देश और भारत मुक्त व्यापार को लेकर एक समझौते पर प्रगति कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले दोनों पक्ष कभी भी एक समझौते को लेकर साथ नहीं आए। बता दें, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ एक व्यापार संगठन और मुक्त व्यापार क्षेत्र है। इसमें चार यूरोपीय देश- आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
विदेशी अधिकरियों ने जताई खुशी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्वे के व्यापार मंत्री जान क्रिश्चियन वेस्ट्रे और स्विस आर्थिक मामलों की राज्य सचिव हेलेन बुडलिगर आर्टिडा फिलहाल भारत के दौरे पर हैं। दोनों अधिकारी व्यापार समझौते पर भारत सरकार के साथ चर्चा करने आए हैं। यात्रा के दौरान, दोनों अधिकारियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठकें कीं। नई दिल्ली में एक साक्षात्कार के दौरान वेस्ट्रे ने कहा कि वे भारत और सदस्य देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हो रही प्रगति देख खुश हैं। पहली बार दोनों पक्ष एक समझौते पर राजी हैं। दोनों पक्ष समझौते के पक्ष में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जलद ही समझौते को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। हालांकि, वे समय सीमा के सवाल पर टिपप्णी करने से बचते रहे। सदस्य देशों के लिए समझौता कितना अहम होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसी साल वेस्ट्रे तीसरी बार को वहीं अर्टिडा सातवीं बार भारत भारत आए हैं।
15 साल बाद प्रगति
वेस्ट्रे ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से हम मुक्त व्यापार समझौते पर बात कर रहे हैं। हमने इस साल भी काफी प्रयास किए हैं। यह मेरी इस साल में भारत की तीसरी यात्रा है। मुझे खुशी है 15 साल बाद हम प्रगति कर रहे हैं। हम समझौते पर आगे बढ़ रहे हैं। हमने कई मुद्दों को सुलझा लिया है। अब कुछ ही मुद्दे बाकी हैं, जिन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि हम जल्द ही समझौता पूर्ण कर लेंगे।
जब भारत आगे बढ़ता है, तो दुनिया चलना शुरू करती है
वहीं, अर्टिडा ने कहा कि दोनों पक्ष मुक्त व्यापार समझौते को लेकर 15 वर्षों में इतने करीब कभी नहीं आए थे। भू-राजनीति दुनिया को तेजी से अधिक बदल रही है। हम दुनिया को बहु-संकट में देख रहे हैं। भारत लोकतंत्र के लिए एक मील का पत्थर बन सकता है। भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया, जो सफल रहा। भारत ने वैश्विक स्तर पर साबित कर दिया कि वह समान विचारधारा वाले भागीदारों, मित्रों और सहयोगियों के साथ जुड़ना चाहता है। भारत वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहता है। भारत 1.4 मिलियन लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जब भारत आगे बढ़ता है, तो दुनिया चलना शुरू कर देती है।