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Inflation: खुदरा महंगाई काबू में रखने के प्रयास; सरकार ने तय किया पांच साल का लक्ष्य, आम आदमी को कितनी राहत?

Thu, 26 Mar 2026 12:48 PM IST
Riya Dubey बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने 2026 से 2031 तक खुदरा महंगाई का लक्ष्य 4% पर ही बरकरार रखा है, जिसमें 2% से 6% का दायरा तय किया गया है। यह फैसला आरबीआई की मौद्रिक नीति को स्थिर दिशा देने के लिए लिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं।
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खुदरा महंगाई दर - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों के लिए खुदरा महंगाई (रिटेल इन्फ्लेशन) का लक्ष्य चार प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। यह लक्ष्य 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगा। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 25 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना में इसकी जानकारी दी।

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अधिसूचना के अनुसार, महंगाई के लिए 4 प्रतिशत का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि इसकी ऊपरी सहनशील सीमा 6 प्रतिशत और निचली सीमा 2 प्रतिशत रखी गई है। यह निर्णय भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के तहत, रिजर्व बैंक के परामर्श से लिया गया है।

एमपीसी के फैसले पर पड़ेगा असर

सरकार के इस फैसले के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मौजूदा जनादेश भी बरकरार रहेगा। मौद्रिक नीति समिति (MPC) अब भी इसी लक्ष्य के अनुरूप नीतिगत ब्याज दरों का निर्धारण करेगी, ताकि महंगाई को निर्धारित दायरे में रखा जा सके।

गौरतलब है कि भारत ने 2016 में औपचारिक रूप से महंगाई लक्ष्य निर्धारण (इन्फ्लेशन टार्गेटिंग) का ढांचा अपनाया था। उसी समय एमपीसी का गठन हुआ था, जिसे मूल्य स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआती अवधि मार्च 2021 तक थी, जिसके बाद सरकार ने इस लक्ष्य को लगातार जारी रखा है। यह दूसरा अवसर है जब सरकार ने बिना बदलाव के चार प्रतिशत लक्ष्य को आगे बढ़ाया है।

मौजूदा महंगाई की स्थिति

  • फरवरी 2026 में CPI आधारित महंगाई: 3.21%
  • ग्रामीण महंगाई: 3.37%
  • शहरी महंगाई: 3.02%
  • खाद्य महंगाई (CFPI): 3.47%

यानी महंगाई फिलहाल लक्ष्य (4%) से नीचे है। इस दौरान टमाटर, मटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों की कीमतों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे खाद्य महंगाई पर दबाव कम हुआ।

किन राज्यों में महंगाई ज्यादा?

फरवरी 2026 में सबसे ज्यादा महंगाई वाले राज्य:

  • तेलंगाना
  • राजस्थान
  • केरल
  • आंध्र प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

कैसे जुटाया जाते हैं आंकड़े?

सरकार के अनुसार, महंगाई के आंकड़े देशभर के 1407 शहरी बाजारों और 1465 गांवों से एकत्र किए जाते हैं। फरवरी 2026 में लगभग सभी बाजारों से सफलतापूर्वक डेटा संग्रह किया गया, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता बनी रही।

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विशेषज्ञों का मानना है कि 4 प्रतिशत के लक्ष्य को बरकरार रखना नीति निरंतरता और आर्थिक स्थिरता का संकेत है। इससे बाजार और निवेशकों को स्पष्ट दिशा मिलती है, वहीं RBI को भी ब्याज दरों के प्रबंधन में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। मार्च 2026 के महंगाई आंकड़े 13 अप्रैल को जारी किए जाएंगे, जिस पर आगे की मौद्रिक नीति के संकेत निर्भर करेंगे।
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