विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की गिरावट ने जनवरी व फरवरी में कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर मूल्यों को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया। इससे निवेशक आईपीओ में पैसा लगाने से बच रहे हैं। हालांकि, कंपनियां बड़े पैमाने पर मसौदा जमा करा रही हैं।
शेयर बाजार में लगातार गिरावट का असर आईपीओ पर भी दिखने लगा है। पिछले साल कंपनियां जमकर सूचीबद्ध हुईं, पर पिछले तीन हफ्ते से एक भी कंपनी बाजार में नहीं उतरी है। जनवरी में सिर्फ पांच और फरवरी में चार कंपनियां पूंजी बाजार में उतरीं, जबकि दिसंबर में 16 आईपीओ आए थे। अंतिम आईपीओ क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल का 14 फरवरी को आया था। बाजार में सुस्ती का असर यह है कि तीन कंपनियों एडवांस्ड सिस्टम, एसएफसी एनवायरमेंटल एवं विनी कॉरपोरेशन ने जनवरी और फरवरी में जमा मसौदा वापस ले लिया था। 2024 में 91 सार्वजनिक निर्गमों के जरिये कंपनियों ने 1.6 लाख करोड़ जुटाए थे।
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निवेशक सतर्क
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की गिरावट ने जनवरी व फरवरी में कई सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर मूल्यों को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया। इससे निवेशक आईपीओ में पैसा लगाने से बच रहे हैं। हालांकि, कंपनियां बड़े पैमाने पर मसौदा जमा करा रही हैं।
45 कंपनियों को मिली मंजूरी
इस समय 45 कंपनियों को इश्यू लाने की सेबी से मंजूरी मिल चुकी है, जो 67,000 करोड़ जुटाएंगी। 69 कंपनियां मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। दो महीनों में करीब 30 कंपनियों ने मसौदा जमा किया है।
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टाटा कैपिटल व एथर एनर्जी भी अब दौड़ में
टाटा कैपिटल 17,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए मसौदा जमा कराने वाली है। हालांकि, कंपनी एनसीएलटी से टाटा मोटर्स फाइनेंस के साथ विलय के लिए अंतिम मंजूरी मिलने के बाद मसौदा जमा करेगी। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता एथर एनर्जी ने अपने बकाया अनिवार्य परिवर्तनीय वरीयता शेयरों को इक्विटी में बदल दिया है, जिससे उसका भी आईपीओ लाने का रास्ता आसान होता जा रहा है। कंपनी अप्रैल में बाजार में उतर सकती है।