प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले की जांच के तहत महाराष्ट्र के ठाणे में 55 लाख रुपये मूल्य के एक फ्लैट को अपने कब्जे में ले लिया है। यह फ्लैट भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के एक कथित सहयोगी के नाम पर है। आइए इस बारे में सबकुछ विस्तार से जानें।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन मामले की जांच के तहत महाराष्ट्र के ठाणे में 55 लाख रुपये मूल्य के एक फ्लैट को अपने कब्जे में ले लिया है। यह फ्लैट भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के एक कथित सहयोगी के नाम पर है।
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संघीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ठाणे पश्चिम स्थित नियोपोलिस बिल्डिंग में आवासीय मकान को उसके मालिक मुमताज एजाज शेख के खिलाफ 2022 में पीएमएलए के तहत जारी एक अनंतिम आदेश के तहत जब्त किया गया है।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के निर्णायक प्राधिकरण ने इस अनंतिम कुर्की आदेश को मंजूरी दे दी, जिससे ईडी के लिए फ्लैट पर कब्जा करने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों ने बताया कि फ्लैट पर कब्जा लेने की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है। ईडी ने पहले एक बयान में आरोप लगाया था कि यह फ्लैट कासकर और अन्य लोगों ने ठाणे स्थित रियल एस्टेट डेवलपर सुरेश देवीचंद मेहता जबरन हासिल किया था।
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एजेंसी ने कहा था, "मेहता अपने साझेदार के साथ अपनी फर्म दर्शन एंटरप्राइजेज के माध्यम से निर्माण का व्यवसाय चला रहा था। आरोपी इकबाल कासकर, मुमताज शेख और इसरार अली जमील सईद ने अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम कासकर के साथ नजदीकी के कारण मुमताज एजाज शेख के नाम पर ठाणे में एक फ्लैट हड़प ली थी।"
तब कहा गया था कि फ्लैट के अलावा बिल्डर की ओर से उनकी मांग के अनुसार 10 लाख रुपये के चार चेक जारी किए गए थे, जिन्हें आरोपियों ने नकद निकासी के माध्यम से भुना लिया था। धन शोधन का मामला सितंबर 2017 में ठाणे पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत आरोप लगाए थे। कासकर फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में है। दाऊद इब्राहिम को भारत ने आतंकवादी घोषित किया है और बताया जाता है कि वह पाकिस्तान में रहता है।