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ED: तेलंगाना, MP से लेकर यूपी तक ईडी की छापेमारी, जानें क्या है मामला जिसमें NMC-मेडिकल कॉलेजों पर आई आंच

Thu, 27 Nov 2025 12:21 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 15 स्थानों पर छापेमारी शुरू की है।
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ED - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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ईडी ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता में कथित अनियमितताओं के मामले में गुरुवार को देशभर में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कुल 15 ठिकानों पर छापेमारी की। 

मेडिल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी जानकारी लीक करने का आरोप 

यह कार्रवाई सीबीआई की ओर से 30 जून 2024 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की जा रही है। इसमें आरोप है कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी। सीबीआई के अनुसार उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण से जुड़ी गोपनीय जानकारी बिचौलियों और कॉलेजों से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को लीक की, जिसके बाद निरीक्षण के मानकों में हेरफेर कर अकादमिक कोर्स चलाने की मंजूरी हासिल की गई।

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एजेंसी जिन ठिकानों पर तलाशी ले रही है, उनमें कई राज्यों में स्थित सात मेडिकल कॉलेजों के परिसरों के अलावा एफआईआर में नामजद निजी व्यक्तियों के ठिकानें भी शामिल हैं। 

गंभीर स्तर की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप

ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस कथित रैकेट के जरिए मेडिकल कॉलेजों को पैरामीटर में बदलाव और अनुकूल रिपोर्ट पाने का मौका मिला। सीबीआई ने इस नेटवर्क को उजागर करते हुए बताया था कि इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी, एनएमसी के सदस्य, बिचौलिए और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो गंभीर स्तर की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार में लिप्त थे।

एफआईआर में 34 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें स्वास्थ्य मंत्रालय के आठ अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के एक अधिकारी और राष्ट्रीय चिकित्सा आयुक्त (एनएमसी) निरीक्षण दल के पांच डॉक्टर शामिल थे। जांच के दौरान सीबीआई ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन NMC डॉक्टर भी शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ के एक मेडिकल कॉलेज को अनुकूल रिपोर्ट देने के लिए 55 लाख रुपये की रिश्वत ली।

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एफआईआर में कहा गया था कि यह सिंडिकेट स्वास्थ्य मंत्रालय के भीतर गहराई तक फैला हुआ था, जहां कुछ अधिकारी गोपनीय फाइलों और संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच, अवैध कॉपी और लीक कर रहे थे। यह डेटा बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए मेडिकल कॉलेजों तक भारी रकम लेकर पहुंचाया जाता था।

सीबीआई के मुताबिक, इस रैकेट ने निरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को बुरी तरह तोड़ा। अधिकारी बिचौलियों के साथ मिलकर निरीक्षण की तिथियां, आकलनकर्ताओं की पहचान और अन्य संवेदनशील विवरण पहले से मेडिकल कॉलेजों को बता देते थे। इससे कॉलेजों को निरीक्षण से पहले सिस्टम को चकमा देने की विस्तृत तैयारी करने का मौका मिलता था, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध और कमजोर हो जाती थी।

भारत-म्यांमार सीमा पर ड्रग्स तस्करी मामले में की गई छापेमारी

इस बीच ईडी ने भारत-म्यांमार सीमा पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले में छापेमारी की। इसके साथ ही गुजरात और असम के कुछ स्थानों की भी तलाशी ली गई। जांच के दौरान एजेंसी ने 35 लाख रुपये नकद और कुछ डिजिटल उपकरण भी जब्त किए। अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम के आइजोल और चम्फाई, असम के श्रीभूमि (करीमगंज) और गुजरात के अहमदाबाद में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत तलाशी ली जा रही है।

यह कार्रवाई मिजोरम पुलिस की ओर से  छह लोगों से 1.41 करोड़ रुपये मूल्य की 4.72 किलोग्राम हेरोइन जब्त करने के मामले में दर्ज एफआईआर से शुरू हुई है। अधिकारियों ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा (चंफाई) पर एजेंसी द्वारा की गई यह पहली तलाशी है। भारत अपने पूर्वी भाग में म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर लम्बी सीमा साझा करता है।

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