अमनेस्टी इंडिया और उसके पूर्व प्रमुख आकार पटेल को फेमा कानूनों के उल्लंघन मामले में 61.72 करोड़ का शोकॉज नोटिस जारी करने के एक दिन बाद शनिवार को ईडी ने कहा है कि उसने इस मामले में अमनेस्टी इंडिया और उससे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ मनी लाउंड्ररिंग मामले में चार्जशीट दाखिल कर दिया है।
ईडी ने कहा है कि इस मामले में अभियोजन शिकायत प्रिंसिपल सिटी सिविल और सेशंस जज बेंगलुरु की अदालत में अमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (AIIPL), इंडियंस फॉर अमनेस्टी इंटरनेशनल ट्रस्ट (IAIT) और अन्य के खिलाफ दायर की गई है।
ईडी ने अपने बयान में कहा है कि कोर्ट ने इस मामले में पीएमएलए कानूनों के उल्लंघन के मामले में दायर चार्जशीट पर कॉग्निजेंस (संज्ञान) लेते हुए आरोपितों को समन जारी कर दिया है।
आपको बता दें कि इस मामले में ईडी ने आरोपितों के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर का संज्ञान लेते हुए एफसीआरए कानूनों का उल्लंघन करने के मामले में कार्रवाई की है।
ईडी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया है कि साल 2011-12 में अमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट (AIIFT) को ब्रिटेन के अमनेस्टी इंटरनेशन से 2010 के एफसीआरए कानूनों के तहत विदेशी धन लेने की इजाजत दी गई थी। आगे चलकर गलत जानकारी देने के आरोप में अनुमति या रजिस्ट्रेशन को रद्द दिया गया।
ईडी ने बताया है कि उसके बाद दो नई इकाई AIIPL और IAIT क्रमशः 2013-14 और 2012-13 में बनायी गई। इन दोनों इकाइयों का इस्तेमाल एफसीआरए कानूनों से बचते हुए सर्विस एक्सपोर्ट और एफडीआई के रूप में पैसों का आदान-प्रदान करने में किया गया। इस तरह से ब्रिटेन के अमनेस्टी इंटरनेशननल की ओर से अमनेस्टी की भारत स्थित इकाइयों को लगभग 51.72 करोड़ रुपये भेजे गए थे। यह पूरी तरह से एफसीआरए कानूनों के उल्लंघन का मामला था।
आपको बता दें कि इस मामले में शुक्रवार को ईडी ने FEMA कानूनों (Foreign Exchange Management Act) के तहत एआईपीएस को 51.72 करोड़ और एमनेस्टी इंडिया के पूर्व प्रमुख आकार पटेल को 10 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने का नोटिस भेजा है।
वहीं इस मामले में अमनेस्टी इंडिया के पूर्व प्रमुख आकार पटेल ने कहा है कि वे FEMA कानूनों के तहत की गई ईडी की कार्रवाई को कोर्ट में चुनौती देंगे।
वहीं दूसरी ओर, शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 425 करोड़ रुपये की मनी लाउंडरिंग के एक मामले में नरेंद्र कुमार गुप्ता नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। ईडी ने बताया है कि आरोपितों ने मनी लाउंडरिंग के इस मामले में 19 फर्जी संस्थाओं का इस्तेमाल किया है। यह इस मामले में की गई चौथी गिरफ्तारी है।