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ED: सात साल पहले पनामा पेपर्स में आया जिस शख्स का नाम, अब ईडी ने उसकी अवैध विदेशी संपत्ति को लेकर लगाए आरोप

Sat, 21 Oct 2023 03:57 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईडी ने कहा कि शिंदे ने टैक्स हेवन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) में वीनस बे ऑफशोर लिमिटेड के नाम से एक ऑफशोर कंपनी स्थापित की। उन्हें यूबीएस-एजी बैंक, सिंगापुर में रखे गए उक्त कंपनी के बैंक खातों में 21.87 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई।
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विस्तार
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अघोषित विदेशी संपत्ति रखने के मामले में पनामा पेपर्स में नामित व्यक्ति की मुश्किलें बढ़ सकती है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में व्यक्ति के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बता दें आरोपी संजय विजय शिंदे, उनकी पत्नी अपर्णा और वीनस बे ऑफशोर लिमिटेड नाम की कंपनी के खिलाफ अभियोजन शिकायत 18 अक्तूबर को भोपाल में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत में दायर की गई थी और अदालत ने शुक्रवार को आरोप पत्र पर संज्ञान लिया। आयकर विभाग ने पनामा पेपर्स लीक की जांच के तहत व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की।
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क्या है पनामा पेपर
वाशिंगटन स्थित इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स द्वारा 2016 में पनामा की कानूनी फर्म मोसैक फोंसेका के रिकॉर्ड के भंडार की जांच को 'पनामा पेपर्स' नाम दिया गया था, जिसमें कई विश्व नेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर विदेशों में धन छुपाया था। उनमें से कुछ के पास वैध विदेशी खाते होने की बात कही गई थी। इसमें भारत से जुड़े कुल 426 मामले थे।

ईडी ने आरोप पत्र में कही यह बात
ईडी ने कहा कि शिंदे ने टैक्स हेवन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) में वीनस बे ऑफशोर लिमिटेड के नाम से एक ऑफशोर कंपनी स्थापित की। उन्हें यूबीएस-एजी बैंक, सिंगापुर में रखे गए उक्त कंपनी के बैंक खातों में 21.87 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसमें दावा किया गया,कि आरोपी कंपनी का एकमात्र निदेशक, शेयरधारक और लाभकारी मालिक था।
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ईडी ने कहा, विदेशी बैंक खाते में मिले धन के रूप में संपत्ति का आरोपी ने अपने आयकर रिटर्न में खुलासा नहीं किया था, इसलिए उसके खिलाफ काला धन अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू की गई और अभियोजन शिकायत दर्ज की गई। ईडी ने आरोप लगाया कि आरोपी एनआरई/एनआरओ खातों के माध्यम से बीवीआई कंपनी से पैसा भारत लाए और इसे विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर-एफडी) खाते में निवेश किया। साथ ही कहा, आरोपी ने बाद में इनको खत्म कर दिया और कई चल और अचल संपत्तियों में निवेश कर दिया। आरोपी ने भोपाल, गोवा, वडोदरा और मुंबई में संपत्तियां खरीदी थीं। इन फंडों को म्यूचुअल फंड, शेयर, एफडी, एलआईसी पॉलिसियों और व्यवसायों में पूंजी निवेश के रूप में भी निवेश किया गया था। ईडी ने कहा कि इस मामले में कुल आय 34.22 करोड़ रुपये आंकी गई है। 
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