प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएसीएल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत 192 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति अटैच की है। पीएसीएल कंपनी पर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को प्लॉट देने का वादा कर निवेशकों को धोखा देने का आरोप है।
केंद्रीय एजेंसी ने पीएसीएल इंडिया लिमिटेड औ अन्य मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत 3,39,984.2 वर्ग मीटर जमीन और डीडीपीएल ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, यूनिकॉर्न इंफ्राप्रोजेक्ट्स और एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड (यूनिकॉर्न) तथा ब्राइटव्यू प्रोजेट्स व एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित 7,51,78,480 रुपये बैंक जमा को अटैच करने का अस्थायी आदेश जारी किया था। जमीन का सरकारी दाम करीब 185 करोड़ रुपये है।
ईडी ने कहा कि पीएसीएल इंडिया लिमिटेड ने देश के विभिन्न हिस्सों में प्लॉट आवंटन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों से पैसा एकत्र किया। साथ ही कंपनी ने लोगों को परिपक्वता योजना के तहत आवंटित प्लॉट के बदले में भूखंड के मूल्य को वापस लेने का भी विकल्प दिया था। एजेंसी ने कहा कि पीएसीएल देश में अपने एजेंटों और स्थानीय कार्यालय के जरिये कृषि भूमि की बिक्री और रियल एस्टेट का कारोबार करती थी। कंपनी ने देशभर में निवेशकों से सैकड़ों करोड़ रुपये एकत्र किए। ईडी ने कहा कि पीएसीएल निदेशकों ने निवेशकों से मिली रकम का गबन किया और इसका इस्तेमाल विभिन्न कंपनियों में निवेश कर अपने निजी लाभ के लिए किया।