ED Action: संचार कंपनी डेंटसू इंडिया ने शुक्रवार को कंपनी के खिलाफ की गई ईडी की छापेमारी पर अपना पक्ष रखा। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। कंपनी ने कहा है कि उक्त कार्रवाई तीसरे पक्ष की ओर से की गई धोखाधड़ी से संबंधित है। कंपनी ने क्या कहा है, आइए जानें।
संचार कंपनी डेंटसू इंडिया ने शुक्रवार को कंपनी के खिलाफ की गई ईडी की छापेमारी पर अपना पक्ष रखा। हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। कंपनी ने बताया है कि छापेमारी ‘तीसरे पक्षों’ की ओर से की गई कुछ संदिग्ध धोखाधड़ी से संबंधित थी और उसने संबंधित अधिकारियों को 'सक्रियता से' इसकी सूचना दी थी। जांच एजेंसी ने गुरुवार को मीडिया में जारी एक बयान में कहा था कि उसने ‘सुमाया-डेंटसू मामले’ की जांच के तहत 10 दिसंबर को मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में उसके कई परिसरों पर छापेमारी की है।
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धन शोधन का मामला मुंबई पुलिस (वर्ली पुलिस थाना) की ओर से डेंटसू कम्युनिकेशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और टेक्सटाइल समूह सुमाया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके प्रवर्तकों और कुछ अन्य के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से उपजा है।
डेंटसू इंडिया ने एक प्रश्न के जवाब में कहा है कि उन्होंने 2021 में ‘‘तीसरे पक्षों और इनडीड के कुछ पूर्व कर्मचारियों की ओर से की गई संदिग्ध धोखाधड़ी गतिविधि की पहचान की थी, जिनके खिलाफ आपराधिक शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं’’।
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उसने कहा, ‘‘यह गतिविधि केवल इनडीड व्यवसाय तक ही सीमित थी। तीन वर्ष पहले, हमने सक्रिय रूप से इस मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी थी और तब से हम पूरा सहयोग कर रहे हैं।’’ कंपनी ने कहा कि इसी सिलसिले में ईडी की टीम 10 दिसंबर को मुंबई में डेंटसू इंडिया कार्यालय पहुंची थी। इसने दावा किया कि संघीय एजेंसी को ‘डेंट्सू के परिसर से न तो कुछ मिला और न ही कोई संपत्ति जब्त की है’’।
कंपनी ने कहा है, ‘‘हम धोखाधड़ी और गलत कामों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और इस पर हमारी कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। हम अधिकारियों के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे।’’
वहीं, सुमाया समूह को भी इसी तरह के प्रश्न भेजे गए थे और उसकी ओर से इनका कोई जवाब नहीं मिला। ईडी ने गुरुवार को बताया था कि उसने 137 करोड़ रुपये के कथित धन गबन मामले में तलाशी के बाद 50 लाख रुपये की भारतीय और विदेशी मुद्राव 3.4 करोड़ रुपये मूल्य का सोना जब्त किया हैं। हालांकि, एजेंसी ने यह नहीं बताया गया कि कहां से क्या जब्ती की गई? ईडी के अनुसार जिन संस्थाओं की तलाशी ली गई है, उन पर भविष्य में ‘नीड टू फीड’ कार्यक्रम के लाभ का वादा करने के नाम पर 137 करोड़ रुपये की धनराशि का ‘गबन’ करने का आरोप है।