गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आने वाले इस सर्वेक्षण को देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन सदन के पटल पर रखेंगे। इस सर्वेक्षण के जरिए सरकार का कई जरूरी सेक्टर्स पर फोकस रहेगा, जिनके बारे में शुक्रवार को पेश होने वाले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी।
इस आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए कृष्णमूर्ति मंदी और बेरोजगारी के बारे में अपनी राय रख सकते हैं। एक ट्विट के जरिए कहा कि 'गुरूवार को मेरे पहले और नई सरकार के पहले आर्थिक सर्वे को संसद में पेश करने को लेकर उत्साहित हूं।' उनके सामने कृषि, नौकरी और निवेश उनके एंजेडा में प्रमुख चीजें होंगी।
आर्थिक सर्वे के जरिए ही देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर साफ होती है। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था के मोर्चों पर कितना विकास हुआ है। सरकार आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए देश को बताती है कि उसने आम लोगों के हित में जो कार्यक्रम शुरू किए हैं, उसका प्रदर्शन कैसा है और अर्थव्यवस्था के लिए भविष्य में कितनी बेहतर संभावनाएं हैं।
उल्लेखनीय है कि के वी सुब्रमण्यन को पिछले साल दिसंबर में देश का मुख्य आर्थिक सलाहकार मोदी सरकार ने नियुक्त किया था। दरअसल अरविंद सुब्रमण्यन के इस्तीफा देने के छह महीने बाद सुब्रमण्यन को मुख्य आर्थिक सलाहकार बनाया गया था।