देश के सबसे बड़े बैंक--भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने दूसरी तिमाही में विकास दर (जीडीपी) का अनुमान जारी किया है। इस अनुमान के मुताबिक दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर 4.2 फीसदी रहने की संभावना है। वहीं पूरे वित्त वर्ष में जीडीपी के पांच फीसदी रहने की संभावना है। इससे पहले बैंक ने विकास दर के 6.1 फीसदी रहने का अनुमान जारी किया था।
भारत की विकास दर पहली तिमाही में पांच फीसदी रही थी, जो कि पिछले छह साल का सबसे निचला स्तर था। अब एसबीआई भी अन्य वैश्विक एजेंसियों जैसे कि एशियन डेवलपमेंट बैंक, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और आरबीआई के साथ में शुमार हो गई है, जिन्होंने भारत की विकास दर कम रहने की आशंका जताई थी।
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एसबीआई ने कहा है कि देश के कई हिस्सों में बारिश और बाढ़ ने खेती को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। चार महीने तक लगातार बारिश होने से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और पंजाब में खरीफ फसलों पर असर पड़ा है।
विनिर्माण, बिजली सहित ज्यादा क्षेत्रों में सुस्ती के चलते सितंबर में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) ने तगड़ा झटका दिया। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने में आईआईपी में 4.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले समान महीने यानी सितंबर, 2018 में आईआईपी में 4.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी।
आईआईपी में सुस्ती की मुख्य वजह विनिर्माण क्षेत्र रही जिसमें उत्पादन में 3.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सितंबर 2018 में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी। बिजली उत्पादन की बात करें तो सितंबर में इसमें 2.6 फीसदी की गिरावट रही, जबकि एक साल पहले समान महीने में 8.2 फीसदी की बढ़त रही थी।