कंपनियों का भी मानना है क्विक कॉमर्स ने पिछले कुछ सालों में शहरी बिक्री को बढ़ाने में मददगार साबित हुए हैं। हाल ही में निलसन ने अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें शहरों में विशेषकर महानगरों में ई-कामर्स की और उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ा है, जिसकी बढ़ी वजह खरीदारों की बढ़ती हुई सहभागिता है।
कंज्यूमर उत्पाद बनाने वाली कंपनियों एफएमसजी कंपनियों की बिक्री शहरी क्षेत्रों में बिक्री ग्रामीण इलाकों की तुलना में कम रहा है। कंपनियों का शहरी विकास दर 4.2 प्रतिशत से धीमी होकर 2.6 प्रतिशत रहा है। लेकिन शहरों में विशेषकर महानगरों में कंपनियों की बिक्री बढ़ाने में ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स चैनल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कंपनियों का भी मानना है क्विक कॉमर्स ने पिछले कुछ सालों में शहरी बिक्री को बढ़ाने में मददगार साबित हुए हैं। हाल ही में निलसन ने अपनी रिपोर्ट जारी की है, जिसमें शहरों में विशेषकर महानगरों में ई-कामर्स की और उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ा है, जिसकी बढ़ी वजह खरीदारों की बढ़ती हुई सहभागिता है।
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गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (जीसीपीएल) के प्रबंधन निदेशक और सीईओ सुधीर सीतापति ने अमर उजाला डॉटकॉम को बताया कि पिछले दो सालों में ई-कॉमर्स में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। शहरों क्षेत्रों में इन प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री बढ़ रही है। इसमें हमारी हमारी बिक्री 7 से 8 प्रतिशत है और इसमें मिक्स साइज के पैक की बिक्री अधिक होती है। इसमें पर्सनल केयर और बॉडी वॉश जैसे उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई है। भविष्य में कंपनी इस और फोकस जारी रखेगा, क्योंकि महानगरों में इनके जरिए बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। कंपनी मार्केट शेयर के बजाए लॉर्ज कैटेगरी पर फोकस करेगी। मैरिको के प्रबंध निदेशक सौगत गुप्ता ने कंपनी परिणाम के बाद विशलेष कॉल में कहा कि कंपनी ई-कॉमर्स पर फोकस कर रही है। इसके अलावा आईटीसी और डाबर भी अपने ई-कॉमर्स बिक्री में वृद्धि देख रहे हैं।
नीलसनआईक्यू इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार ई-कॉमर्स अथवा क्विक कॉमर्स का महत्व बढ़ रहा है विशेषकर शहरी महानगरों में ई-कॉमर्स की ओर रुझान बढ़ा रहा है। इसकी बड़ी वजह खरीदारों की बढ़ती हुई सहभागिता है। इसका असर ऑफलाइन चैनल पर पड़ रहा है। आधुनिक व्यापार और सामान्य व्यापार दोनों की हिस्सेदारी क्रमश: 22.8 प्रतिशत और 62.5 प्रतिशत तक गिर गई है। मेट्रो शहरों में ई-कॉमर्स की वृद्धि जो कि 39.9 प्रतिशत तक पहुंच गई है, पारंपरिक व्यापार में 2.2प्रतिशत की गिरावट और आधुनिक व्यापार 7.7 प्रतिशत की गिरावट से आगे है। नीलसनआईक्यू के अनुसार यह ऑनलाइन शॉपर्स की बढ़ती पहुंच खरीदारी के आकार को बढ़ाएगी साथ ही कंपनियों को शहरों में बिक्री बढ़ाने में सहायक होगी। रिपोर्ट के अनुसार देश की अग्रणी एफएमसीजी कंपनी हिन्दुस्तान यूनिलिवर की कुल बिक्री में ई-कॉमर्स में हिस्सेदारी लगभग 7 से 8 प्रतिशत, टाटा कंज्यूमर की हिस्सेदारी 14 प्रतिशत और नेस्ले इंडिया की हिस्सेदारी 1 से 2 के आसपास है।