नए तिपहिया व चारपहिया वाहनों में से एक चौथाई से ज्यादा ई-इलेक्ट्रिक हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन दशक में चारपहिया वाहनों के स्वामित्व में नौ गुना की बढ़ोतरी हो सकती है।
देश में 2030 तक बिकने वाले वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 फीसदी होगी। 2050 तक यह हिस्सेदारी बढ़कर 75 फीसदी पहुंच जाएगी। काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक बिकने वाले नए दोपहिया वाहनों में ई-दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 50 फीसदी होगी।
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नए तिपहिया व चारपहिया वाहनों में से एक चौथाई से ज्यादा ई-इलेक्ट्रिक हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगले तीन दशक में चारपहिया वाहनों के स्वामित्व में नौ गुना की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कमाई बढ़ने के साथ दोपहिया वाहनों के स्वामित्व में स्थिरता आएगी। चारपहिया वाहनों में आने वाला भारी उछाल परिवहन क्षेत्र के लिए ऊर्जा मांग व उत्सर्जन को प्रभावित करेगा।
क्लाउड तकनीक अपनाने से पैदा होंगी 14 लाख नौकरियां
बड़े पैमाने पर क्लाउड तकनीक अपनाने से 2026 तक देश की जीडीपी में 380 अरब डॉलर का इजाफा हो सकती है। साथ ही 14 लाख अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष नौकरियां पैंदा हो सकती हैं। नैसकॉम ने रिपोर्ट में कहा, क्लाउड को अपनाने से नागरिक सेवाओं में मौलिक रूप से सुधार करने, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में डिजिटल समावेशन और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। एक अन्य सर्वे में कहा गया है कि मई के मुकाबले जून में दिहाड़ी कामगारों की मांग 66 फीसदी बढ़ी है।