कोरोना संकट के दौरान 77 फीसदी कंपनियों के राजस्व में गिरावट
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कोरोना वायरस की मार देश के लोगों पर तो पड़ी ही है लेकिन देश की अर्थव्यवस्था पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिला है। एक वैश्विक सर्वे के मुताबिक कोरोना की वजह से 77 फीसदी कंपनियों के राजस्व में गिरावट देखने को मिली है। 720 ट्रांस्फार्म ऑफ दुबई, प्रोफेसी एफजेएलएलसी-मिडल ईस्ट और भारत स्थित इनसाइट्स3डी ने ये सर्वे किया है।
सर्वे के मुताबिक भारत और मध्यपूर्व में लगी हुई लगभग सात फीसदी कंपनियों का राजस्व तो बढ़ा है लेकिन 16 फीसदी कंपनियां इससे ज्यादा प्रभावित नहीं हुई है। इस सर्वे के लिए विश्व के 282 कंपनियों के कर्मचारियों से बातचीत की गई, जिसमें सीईओ और एमडी स्तर के कर्मचारी शामिल हैं।
कोरोना वायरस ने जिन कंपनियों पर नकारात्मक असर डाला है, उनके राजस्व में गिरावट देखी गई है। सर्वे में बताया गया है कि कुल कंपनियों में से 30 फीसदी कंपनियों का राजस्व 50 फीसदी से ज्यादा गिरा है और बाकी की 30 फीसदी कंपनियों का राजस्व 30-50 फीसदी तक गिरा है।
सर्वे में जिन कंपनियों के राजस्व में ज्यादा गिरावट देखी गई है, उनको सलाह दी गई है कि वो बिक्री और विलय जैसे कठोर कदम उठाएं ताकि इस नकारात्मक दौर में कंपनी को ज्यादा नुकसान ना हो। इस सर्वे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसी एफजेडएलएलसी के राजा मारुर ने कहा कि इस समय एक न्यू नॉर्मल की परिकल्पना की जा रही है, जिसे इस सर्वे ने सही सिद्ध किया है।
राजा मारुर का मानना है कि इस समय ज्यादातर कंपनियां विकेंद्रीकरण के बारे में विचार कर रहे हैं। काम करने के लिए कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काफी जोर दिया है। सर्वे में पाया गया है कि कोरोना संकट के दौर में कई सारी कंपनियां मांग, वित्तीय उपलब्धता और कैश जैसी समस्याओं का सामना कर रही हैं। मौटे तौर पर देखा जाए तो कोरोना की वजह से एमएसएमई कंपनियों पर ज्यादा असर पड़ा है।