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Import-Export: भारत से दवा निर्यात 10% बढ़कर 27.9 अरब डॉलर, US-UK सहित अन्य देशों में मांग बढ़ने से मिली मदद

Thu, 25 Apr 2024 05:47 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

घरेलू दवा उद्योग का कारोबार 2030 तक बढ़कर 130 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। बाजार अवसरों के विस्तार और विदेश में बढ़ती मांग के दम पर यह लक्ष्य हासिल हो पाएगा।
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medicine - फोटो : istock
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विस्तार
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देश से दवाओं का निर्यात 2023-24 में सालाना आधार पर 9.67 फीसदी बढ़कर 27.9 अरब डॉलर पहुंच गया। 2022-23 के दौरान यह आंकड़ा 25.4 अरब डॉलर रहा था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, मार्च में भारत से 2.8 अरब डॉलर की दवाओं का निर्यात किया गया। यह मार्च, 2023 की तुलना में 12.73 फीसदी अधिक है। भारत औसतन हर महीने दो से तीन अरब डॉलर के औषधि उत्पादों का निर्यात करता है। एक उद्योग विशेषज्ञ ने कहा, अमेरिका जैसे देशों में बढ़ते अवसरों और मांग से निर्यात को मासिक आधार पर वृद्धि दर्ज करने में मदद मिल रही है। सरकार ने प्रमुख दवा सामग्री और जेनेरिक दवाओं के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए दो उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शुरू की हैं। 

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130 अरब डॉलर का होगा कारोबार
घरेलू दवा उद्योग का कारोबार 2030 तक बढ़कर 130 अरब डॉलर से अधिक हो सकता है। बाजार अवसरों के विस्तार और विदेश में बढ़ती मांग के दम पर यह लक्ष्य हासिल हो पाएगा। भारत ने 2023-24 के दौरान पांच देशों अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में सबसे ज्यादा दवाओं का निर्यात किया। इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 31 फीसदी से अधिक रही। कुल दवा निर्यात में ब्रिटेन और नीदरलैंड का करीब तीन फीसदी योगदान रहा। भारत को पिछले वित्त वर्ष के दौरान कई नए बाजारों में कदम रखने का अवसर मिला। इन बाजारों में मोंटेनेग्रो, दक्षिण सूडान, चाड, कोमोरोस, ब्रुनेई, लात्विया, आयरलैंड, स्वीडन, हैती और इथियोपिया शामिल हैं।

100 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा भारत व यूएई के बीच कारोबार
मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के मई, 2022 में लागू होने के बाद से भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच द्विपक्षीय कारोबार में 15 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) परिषद के निदेशक अहमद अलजनेबी ने बुधवार को कहा, दोनों देशों के बीच 2030 तक गैर-तेल कारोबार 100 अरब डॉलर के लक्ष्य के पार पहुंचने की उम्मीद है। यूएई, भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य, तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और चौथा सबसे बड़ा निवेशक है।

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