सरकार के मान्यता प्राप्त स्टार्टअप विदेशी संस्थाओं को शेयर जारी करने के संबंध में आयकर कानूनों में प्रस्तावित बदलावों से प्रभावित नहीं होंगे। डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) के सचिव अनुराग जैन ने कहा कि कंपनियां या स्टार्टअप जो डीपीआईआईटी की मान्यता नहीं हैं, उन्हें आयकर अधिनियम की धारा 56 (2) में प्रस्तावित संशोधनों के तहत कवर किया जाएगा।
धारा 56(2) में एक स्टार्टअप के अपने उचित बाजार मूल्य से अधिक की राशि को अन्य स्रोतों से आय के रूप में माना जाएगा। उस पर 30 फीसदी कर लगाया जाएगा। स्टार्टअप उद्यमों में एंजेल निवेशकों के निवेश पर इसके प्रभाव के कारण इसे एंजल टैक्स करार दिया गया है। जैन ने कहा कि जो स्टार्टअप विभाग के साथ पंजीकृत नहीं हैं, वे धारा के संशोधित प्रावधानों में आएंगे।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगी मदद- गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार स्टार्टअप परिवेश को निरंतर समर्थन दे रही है। स्टार्टअप इंडिया पहल की शुरुआत के बाद से देश ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि की है। मेरा मानना है कि यह बजट स्टार्टअप परिवेश को निश्चित ही अच्छा-खासा समर्थन और मदद देगा जिससे कि यह आने वाले वर्षों में फल-फूल सके।
गोयल ने कहा कि बजट में कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा देने और कृषि-उद्यमी बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। इससे कोल्ड स्टोरेज, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन के लिए बेहतर विचारों को भी बढ़ावा मिलेगा।
बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में युवा उद्यमियों द्वारा कृषि-स्टार्टअप इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार एक कृषि त्वरित कोष (एएएफ) स्थापित करेगी। समावेशी, किसान-केंद्रित समाधान उपलब्ध कराने के मकसद से कृषि के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा भी बनाया जाएगा