प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति का प्रतीक बनकर उभरा है। मजबूत नीतिगत ढांचे, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और वैश्विक निवेश आकर्षित करने पर केंद्रित रणनीति के साथ, गुजरात ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) प्रवाह में लगातार नए मानक स्थापित किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निवेशक अनुकूल दूरदर्शी नीतियों की एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है।
हाल ही में दिसंबर 2024 में भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) की ओर से जारी रिपोर्ट में यह बताया गया है कि अप्रैल 2000 से लेकर सितंबर 2024 तक गुजरात में आए कुल एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो में 86% पिछले एक दशक यानी अप्रैल 2014 से सितम्बर 2024 तक में आया है।
इस आंकड़े को विस्तार से समझें तो गुजरात ने अप्रैल 2000 से मार्च 2014 तक मात्र 9.51 बिलियन डॉलर एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो आकर्षित किया, वहीं अप्रैल 2014 से सितंबर 2024 के बीच गुजरात ने लंबी छलांग लगाते हुए USD 57.65 बिलियन का एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो हासिल किया जो पिछले 24 वर्षों में गुजरात में आए USD 67.16 बिलियन FDI इक्विटी इन्फ्लो का 86% है। गुजरात के ये आंकड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य के असाधारण प्रदर्शन और निवेशकों के विश्वास को दर्शाते हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में गुजरात का एफडीआई इन्फ्लो राष्ट्रीय औसत से आगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेते हुए गुजरात के वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी गुजरात में निवेश अनुकूल नीतियों को लागू करने और व्यापार अनुकूल संपूर्ण माहौल तैयार करने में पूरी तरह सफल दिखाई पड़ रहे हैं। इसे आँकड़ों से समझें तो डीपीआईआईटी की रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में गुजरात में FDI इक्विटी इन्फ्लो में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। यह वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2.29 बिलियन डॉलर से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3.95 बिलियन डॉलर हो गया, जो 72.5% की वृद्धि दर्शाता है।
वहीं, इसी समयावधि में राष्ट्रीय स्तर में भी एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो 20.49 बिलियन डॉलर से बढ़कर 29.79 बिलियन डॉलर हो गया है, जो 45.4% की वृद्धि दर्शाता है। इस प्रकार आँकड़ों से स्पष्ट है कि गुजरात ने राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो हासिल कर राज्य को निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।
2024 तक भारत के कुल एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो में गुजरात की हिस्सेदारी 9.5%
डीपीआईआईटी रिपोर्ट में यह विस्तार से बताया गया है कि कैसे अप्रैल 2000 से सितंबर 2024 तक, भारत में कुल विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) का प्रवाह 1.03 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा, जो देश के आर्थिक विकास और वैश्विक निवेशकों के भारत में लगातार बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। वहीं, इसी आँकड़े में FDI इक्विटी इन्फ्लो को समझें तो भारत में पिछले 24 वर्षों में 708.65 बिलियन डॉलर एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो आया है।
इस व्यापक एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो में गुजरात का योगदान भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, जहां राज्य ने कुल 67.16 बिलियन डॉलर का एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो हासिल किया, जो इस समयावधि में भारत में आए एफडीआई का 9.5% है। विशेष रूप से, पिछले एक दशक यानी अप्रैल 2014 से सितंबर 2024 के बीच के आँकड़ों को देखें तो इस समयावधि में गुजरात ने रिकॉर्ड स्तर पर USD 57.65 बिलियन का एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो हासिल किया, जो इस अवधि के दौरान देश में आए 492.27 बिलियन डॉलर का एफडीआई इक्विटी इन्फ्लो का 11.7% है।
गुजरात की एफडीआई सफलता: नीतियों, बुनियादी ढांचे और वैश्विक जुड़ाव का प्रभावशाली समन्वय
गुजरात की सफलता राज्य की नीतिगत स्थिरता, नवाचार और व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देने के सतत प्रयासों का परिणाम है। राज्य ने न केवल पारंपरिक उद्योगों, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और IT/ITeS जैसे उभरते क्षेत्रों में भी निवेश आकर्षित किया है, जिससे यह वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित हुआ है। गुजरात का कुशल कार्यबल और वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट जैसे मंचों ने इसे एक प्रमुख निवेश गंतव्य बना दिया है। इन सभी कारकों ने गुजरात को विदेशी निवेश का केंद्र बना दिया है।