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Report: घरेलू बीमा और NPS ने शेयर बाजार में लगाया रिकॉर्ड 1.08 लाख करोड़, साल-दर-साल निवेश हुआ दोगुना

Wed, 12 Nov 2025 08:45 AM IST
शुभम कुमार बिजनेस डेस्क, अमर उजाला।

सार

2025 में बीमा कंपनियों और नेशनल पेंशन सिस्टम ने शेयर बाजार में अब तक 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया, जो इतिहास में सबसे बड़ा है। बीमा कंपनियों ने 56,821 करोड़ और NPS ने 51,308 करोड़ रुपये लगाए। पिछले साल की तुलना में यह निवेश दोगुना से अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि नियम आसान होने और एसेट बढ़ने के कारण अधिक रिटर्न की तलाश में यह कदम उठाया गया।

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निवेश - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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घरेलू बीमा कंपनियों और नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) ने शेयर बाजारों में इस साल अब तक रिकॉर्ड 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह इन दोनों सेगमेंट से अब तक का सर्वाधिक निवेश है। बीमा कंपनियों ने इस साल की शुरुआत से अब तक इक्विटी में 56,821 करोड़ और एनपीएस ने 51,308 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह दोनों की ओर से 2024 के क्रमश: 23,062 करोड़ और 13,328 करोड़ के निवेश से काफी अधिक है।

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बाजार में निवेश ऐसे समय पर देखा गया है, जब इक्विटी ने इस वर्ष सुस्त प्रदर्शन किया है। विश्लेषकों का कहना है कि नियमों के आसान होने और एसेट अंडर मैनेजमेंट में इजाफा होने के कारण बीमा कंपनियों एवं एनपीएस की ओर से अधिक रिटर्न पाने के लिए इक्विटी में निवेश किया गया है।

पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने हाल के वर्षों में अपने नियमों में संशोधन करते हुए टियर-1 एनपीएस खातों के लिए 75 फीसदी और टियर-2 खातों के लिए 100 फीसदी तक इक्विटी निवेश की मंजूरी दी है। वहीं 56822 करोड़ बीमा कंपनियों ने लगाए इस साल अब तक 51,308 करोड़ रुपये का निवेश किया है एनपीएस ने। 
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घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगाए 4.44 लाख करोड़
बीमा नियामक इरडा से मिली छूट ने बीमा कंपनियों को सरकारी और अनुमोदित प्रतिभूतियों में बड़ी हिस्सेदारी बनाए रखते हुए सीमा के भीतर इक्विटी निवेश बनाए रखने की अनुमति दी। म्यूचुअल फंड जैसे अन्य घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस साल इक्विटी में 4.44 लाख करोड़ निवेश किया, जो पिछले वर्ष के 4.15 लाख करोड़ से अधिक है। हालांकि, बैंकों और कुछ घरेलू वित्तीय संस्थानों ने क्रमशः 16,941 करोड़ और 158 करोड़ की बिकवाली की।

घरेलू निवेशकों से मिल रहा बाजार को सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारी बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की शुद्ध खरीदारी भारतीय बाजारों को सहारा दे रही है। निरंतर बिकवाली और सस्ते बाजारों में पैसा लगाने की विदेशी निवेशकों की रणनीति आगे भी जारी रहेगी। भारतीय कंपनियों की 2025-26 की दूसरी तिमाही की आय अनुमान से बेहतर रही। खासकर मिडकैप कंपनियों की आय सालाना आधार पर 14 फीसदी बढ़ी है।

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