करने की सोच रहे हैं, तो फिर ज्यादा पैसा देना होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि देश के तमाम आईआईएम ने अपनी फीस में 5 से लेकर के 17 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी है। बढ़ी हुई फीस 2018-20 के सत्र के लिए लागू होगी।
खर्च करना होगा हर साल इतना पैसा अतिरिक्त
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार संस्थान के हिसाब से फीस में 80 हजार रुपये से लेकर के 2 लाख रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी आईआईएम अहमदाबाद ने की हैं, जहां पर अलग-अलग कोर्स के हिसाब से 9 लाख रुपये से लेकर 22 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे।
वहीं आईआईएम बंगलूरू में इस सत्र से 21 लाख रुपये फीस हो गई है। यह पिछले वर्ष 19.5 लाख रुपये थी। आईआईएम इंदौर में इस साल फीस 16 लाख रुपये होगी। वहीं आईआईएम कोलकाता भी नए सेशन से 21 लाख रुपये फीस लेगा। वहीं आईआईएम रांची और त्रिचि की फीस बढ़कर के 14 लाख रुपये हो गई है।
इन संस्थानों ने की फीस में बढ़ोतरी
बंगलूरू, कोलकाता, अहमदाबाद, इंदौर, रोहतक, रांची, त्रिचि, उदयपुर और अमृतसर ने फीस में फिलहाल बढ़ोतरी कर दी है। गौरतलब है कि आईआईएम को देश का शीर्ष प्रबंधन संस्थान माना जाता है।
फीस बढ़ाना मजबूरी
आईआईएम रोहतक के निदेशक धीरज शर्मा ने कहा कि फीस बढ़ाना सभी आईआईएम के लिए मजबूरी हो गई है, क्योंकि महंगाई, फैकल्टी की सैलरी और इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी बढ़ोतरी हो गई है। सरकार की तरफ से पहले 10 साल आर्थिक मदद मिलती है, लेकिन इसके बाद सभी आईआईएम को अपनी तरफ से सारे फंड इकठ्ठा करने होते हैं।
छात्रों को मिलता है अच्छा पैकेज
आईआईएम को छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद अच्छा सैलरी पैकेज मिलता है, जिससे उनका सारा खर्चा काफी कम समय में पूरा का पूरा वापस मिल जाता है। शीर्ष एमएनसी और भारतीय कंपनियां भी आईआईएम से एमबीए किए लोगों को पहली प्राथमिकता पर नौकरी देते हैं।