उच्च-मूल्य बैंक धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी दिनेश गहलोत को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। यह मामला 31 मई 2004 को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी के लिए दर्ज किया गया था। इसके बाद से आरोपी मुकदमे में शामिल होने या जवाब देने में विफल रहा और 2024 से फरार था।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में घोषित अपराधी दिनेश डी. गहलोत को गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई की विशेष जांच टीम ने गहलोत की गिरफ्तारी के लिए लगातार निगरानी और सावधानीपूर्वक प्रयास किए, जिसके बाद उन्हें सफलता मिली। यह मामला 31 मई 2004 को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी के लिए दर्ज किया गया था। आरोप है कि गहलोत ने जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों का उपयोग करके आवास ऋण के लिए बेईमानी से आवेदन किया था।
आरोपी 2024 से था फरार
जांच पूरी होने के बाद 30 अप्रैल 2007 को मामले में आरोप पत्र दायर किया गया। इसमें गहलोत को बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ धोखाधड़ी करने के लिए एक साजिशकर्ताओं में से एक बनाया गया। इसके बाद से आरोपी मुकदमे में शामिल होने या जवाब देने में विफल रहा और 2024 से फरार था।
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आरोपी बार-बार अपना निवास स्थाल बदलता था
दिसंबर 2024 को ग्रेटर बॉम्बे स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ने गहलोत के विरुद्ध उद्घोषणा वारंट जारी करने का आदेश दिया। गहलोत को खोजने के निरंतर प्रयासों के बावजूद पता नहीं चल पाया था। आरोपी ने बार-बार अपना निवास स्थान बदला था। गहलोत ने स्थानीय निवासियों को अपनी वास्तविक पहचान के बारे में गुमराह किया था और स्थानीय लोगों से न्यूनतम बातचीत की थी।
सीबीआई ने डिजिटिल फुटप्रिंट का विशलेषण किया
सीबीआई ने उन्नत तकनीकी उपकरणों और पहचान-ट्रैकिंग डेटाबेस की तैनाती के माध्यम से, फरार आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट का सावधानीपूर्वक विश्लेषण किया। इसके बाद सीबीआई टीम ने नोएडा में आरोपी दिनेश गहलोत का सफलतापूर्वक पता लगा लिया।
आरोपी को 20 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया और मुंबई की सक्षम अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने गहलोत को आगे की सुनवाई के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी पर वर्तमान में मुकदमा चल रहा है।