2023-24 में कुल 159 अरब डिजिटल लेनदेन हुए थे। इस अवधि में कुल खुदरा डिजिटल भुगतान में संख्या के लिहाज से यूपीआई का योगदान बढ़कर 91 फीसदी के स्तर पर पहुंच जाएगा, जो अभी 80 फीसदी से ज्यादा है।
पीडब्ल्यूसी इंडिया की बुधवार को जारी 'द इंडियन पेमेंट हैंडबुक 2024-29' रिपोर्ट के मुताबिक, देश में मूल्य के लिहाज से 2028-29 तक 593 लाख करोड़ रुपये का डिजिटल भुगतान होगा। यह आंकड़ा 2023-24 के 265 लाख करोड़ रुपये से 2.24 गुना अधिक है। इस अवधि तक यूपीआई के जरिये लेनदेन की संख्या वर्तमान के 131 अरब से 3.35 गुना होकर 439 अरब के स्तर पर पहुंच जाएगी। संख्या के लिहाज से यूपीआई लेनदेन की वृद्धि दर अभी 57 फीसदी है।
क्रेडिट कार्ड संख्या 10 करोड़ के पार
रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीआई का इस्तेमाल बढ़ने के बीच क्रेडिट कार्ड की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। 2023-24 में 1.6 करोड़ से अधिक नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। इसके साथ ही, देश में जारी क्रेडिट कार्ड की कुल संख्या 10 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई है। 2028-29 तक जारी क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़कर 20 करोड़ पहुंच जाएगी।
n क्रेडिट कार्ड के जरिये लेनदेन में संख्या के लिहाज से 22 फीसदी और मूल्य के हिसाब से 28 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
डेबिट कार्ड - लोकप्रियता में लगातार गिरावट
डेबिट कार्ड की लोकप्रियता लगातार घट रही है। मूल्य और संख्या दोनों के लिहाज से डेबिट कार्ड लेनदेन में गिरावट आई है। डेबिट कार्ड के जरिये लेनदेन की संख्या 2021-22 के 3.94 अरब से घटकर 2023-24 में 2.29 अरब रह गई। 2023-24 के दौरान डेबिट कार्ड से कुल 5.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन हुए, जो 2021-22 के 7.3 लाख करोड़ रुपये से कम है।
क्यूआर कोड : छोटे शहरों तक बढ़ी पहुंच
क्यूआर कोड का इस्तेमाल महानगरों और टियर-1 शहरों के साथ छोटे शहरों में भी बढ़ रहा है। ऑनलाइन व ऑफलाइन कारोबार करने वाले लोग इसके लिए छोटे शहरों तक में बुनियादी ढांचों का विस्तार कर रहे हैं। 2023-24 में क्यूआर कोड की साल-दर-साल वृद्धि दर करीब 30 फीसदी रही।