भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ऑफ़लाइन डिजिटल भुगतान की अनुमति देने के लिए एक रूपरेखा जारी करने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ऐसे लेन-देन की सुविधा के लिए एक प्रणाली का परीक्षण कर रहा है। यानी बिना इंटरनेट के यूपीआई भुगतान जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।
जल्द कर सकेंगे ऑफलाइन डिजिटल भुगतान
देश में जल्द ही ऑफलाइन डिजिटल भुगतान की सेवा शुरू हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसे यूपीआई लाइट के नाम से पहचाना जाएगा, जहां बिना इंटरनेट के फीचर फोन के जरिए भी डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शुरुआत में यूपीआई लाइट के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में 200 रुपये तक के ऑफलाइन डिजिटल भुगतान की सुविधा दी जा सकती है।
आरबीआई गवर्नर ने बताई थी योजना
गौरतलब है कि आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बीती मौद्रिक समीक्षा नीति की जानकारी देने के दौरान ही इस योजना के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि आरबीआई, यूपीआई आधारित फीचर फोन उत्पाद लॉन्च करने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक ने बीती 5 जनवरी 2022 को ही 200 रुपये तक के ऑफलाइन डिजिटल भुगतान को अपनी मंजूरी दी थी। दास ने कहा था कि भारत में डिजिटल रूप से हो रही ट्रांजैक्शन में काफी वृद्धि देखने को मिली है। भारत में हर महीने यूपीआई के जरिए 122 करोड़ ट्रांजैक्शन होती है।
दो तरीकों का परीक्षण किया जा रहा
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफलाइन पेमेंट के लिए जिन दो तरीकों का परीक्षण हो रहा है उसमें सिम ओवरले और ओवर-द-एयर (ओटीए) शामिल हैं। सिम ओवरले में सिम कार्ड की कार्यक्षमता को बढ़ाकर उसे इंटरनेट के बिना भुगतान और अन्य सेवाओं के लायक बनाया जाता है। ओटीए फोन का ही एक फंक्शन जो सीधे डिवाइस के फर्मवेयर तक पहुंचने का समाधान प्रदान करता है। इसके अलावा नियर-फील्ड कम्यूनिकेशन (एनएफसी) जैसे विकल्पों का भी परीक्षण हो रहा है। यूपीआई लाइट के शुरू होने के बाद फीचर फोन से भी बिना इंटरनेट डिजिटल भुगतान किया जा सकेगा।
भुगतान करने के लिए करना होगा ये काम
भुगतान के विकल्प के आधार पर फीचर फोन में सॉफ्टवेयर या सिम अपडेट कराना होगा। दूरसंचार कंपनी के स्टोर से यह काम आसानी से कराया जा सकेगा। ऑफलाइन डिजिटल भुगतान के लिए यूजर को वर्चुअल भुगतान पता (वीपीए) बनाना होगा। इसको आमतौर पर यूपीआई आईडी कहा जाता है। भुगतान पाने वाले के पास भी यह यूपीआई आईडी होनी चाहिए। यह यूपीआई आईडी बैंक के अनुसार चार या छह अंकों की होगी।