इस सप्ताह कंगना रणौत की चंडीगढ़ से मुंबई की इंडिगो फ्लाइट में मीडिया चैनलों के बीच मची अफरा-तफरी और फ्लाइट के भीतर की गई वीडियोग्राफी को ध्यान में रखते हुए एविएशन रेगुलेटर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कहा कि, 'किसी भी यात्री विमान में एयरक्राफ्ट नियम 1937 के नियम 13 के उल्लंघन के मामले में, उस विशेष मार्ग के लिए संबंधित एयरलाइन की उड़ान अगले दिन से दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दी जाएगी।'
यह नियम उड़ानों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की शर्तों से संबंधित है। यानी अब से अगर किसी नियमित यात्री उड़ान में इसका उल्लंघन होता है, तो उस मार्ग पर विमान सेवा कंपनी का शेड्यूल दो सप्ताह के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। दरअसल, विमान के अंदर बिना अनुमति फोटोग्राफी पहले से ही निलंबित है, लेकिन इसके बावजूद कंपनियां इस नियम को लागू करने में विफल रही हैं।
इंडिगो से मांगी रिपोर्ट
इससे पहले डीजीसीए ने इंडिगो को चंडीगढ़-मुंबई की उसकी उड़ान में मीडियाकर्मियों द्वारा सुरक्षा और सामाजिक दूरी के नियमों के कथित उल्लंघन के लिए एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। बता दें कि कंगना इस फ्लाइट से नौ सितंबर को यात्रा की थीं, जिसमें फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी हुई थी।
इस संदर्भ में डीजीसीए के एक अधिकारी ने बताया, 'हमने ऐसे कुछ वीडियो देखे हैं, जिसमें मीडियाकर्मी बुधवार को 6ई264 उड़ान में एक दूसरे से बहुत सटकर खड़े थे। यह सुरक्षा और सामाजिक दूरी के नियमों के उल्लंघन की तरह है। हमने विमानन कंपनी इंडिगो को इस घटना पर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा है।'
25 मई को डीजीसीए ने जारी किया था नियम
गौरतलब है कि नागर विमानन मंत्रालय ने सामाजिक दूरी बनाए रखने के लिए 25 मई को नियम जारी किया था। इसमें कहा गया था, 'गंतव्य पर आगमन के बाद यात्री को (विमान से) क्रम से जाने की अनुमति देनी चाहिए ताकि ज्यादा लोग कहीं एकत्र ना हों।'