नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने अति विशिष्ट व्यक्तियों (वीवीआईपी) को ले जाने वाली विमानन कंपनियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल जैसे अति विशिष्ट व्यक्तियों को ले जाने वाले गैर-अनुसूचित विमानों और हेलीकॉप्टर परिचालकों पर लागू होंगे। यह कदम जनवरी में हुई एक घातक विमान दुर्घटना को देखते हुए उठाया गया है। इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य की मृत्यु हो गई थी। डीजीसीए ने शुक्रवार को ये दिशानिर्देश जारी किए।
डीजीसीए के विश्लेषण में सामने आया कि हवाई पट्टियों और अस्थायी हेलीपैड से उड़ानों के दौरान सुरक्षा निर्देशों का पालन नहीं किया गया। अति विशिष्ट व्यक्तियों की चुनावी उड़ानों में भी सुरक्षा से समझौता किया गया था। महानिदेशालय ने सभी संबंधित पक्षों से सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। इन उपायों से भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी। इसका लक्ष्य हर उड़ान को सुरक्षित व नियमों के अनुरूप बनाना है।
ये नए दिशानिर्देश जनवरी में हुई उस विमान दुर्घटना के बाद आए हैं, जिसने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया था। उस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोग मारे गए थे। यह कदम अति विशिष्ट व्यक्तियों की हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और हवाई सुरक्षा को मजबूत करना है। इन दिशानिर्देशों से डीजीसीए ने हवाई यात्रा में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।