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DGCA: विमानन कंपनियों की चुनौतियों पर डीजीसीए प्रमुख ने जताई चिंता, बोले- हमें बेहतर दिनों की उम्मीद

Thu, 26 Mar 2026 08:25 PM IST
Kumar Vivek बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए के प्रमुख ने सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों, हवाई मार्ग प्रतिबंधों और बढ़ते ईंधन खर्च पर चिंता जताया है। उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में एयरलाइंस के लिए व्यापार में आसानी जैसे हालात बनने की उम्मीद है। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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डीजीसीए - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में विमानन क्षेत्र के नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के प्रमुख फैज अहमद किदवई ने गुरुवार को कहा देश में एयरलाइंस के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मकसद एयरलाइंस को बढ़ने और फलने-फूलने में मदद करना है। साथ ही, डीजीसीए यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भी कदम उठा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिन विमानन क्षेत्र के लिहाज से बेहतर होंगे।

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किदवई ने बताया कि एयरलाइंस के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इनमें हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण लंबे मार्ग अपनाना और परिचालन लागत का अधिक होना शामिल है। पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष एयरलाइंस के लिए और अधिक चुनौतियां पैदा कर रहा है। कई एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के लिए अपनी सेवाएं कम कर दी हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत में कई एयरलाइंस बंद हो चुकी हैं। इसलिए वाहकों को समर्थन देने की आवश्यकता है। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है। 

डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय विभिन्न पहल कर रहे हैं। हाल ही में यह निर्णय लिया गया कि घरेलू उड़ान में 60 फीसदी सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पेश की जाएंगी। दिसंबर 2025 में इंडिगो की परिचालन बाधाओं के बाद लगाई गई किराया सीमा भी हटा ली गई है।

विमानन क्षेत्र में परिचालन से जुड़ी कौन सी चुनौतियां?

किदवई ने कहा कि विमानन कंपनियां एक बहुत ही अलग तरह के समय का सामना कर रही हैं। विशेष रूप से भारतीय वाहकों के लिए पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एयरलाइंस को लंबे मार्ग लेने पड़ रहे हैं। इसका मतलब है कि उन्हें अधिक ईंधन ले जाना पड़ता है। ईंधन की लागत भी लगातार बढ़ रही है।

कंपनियों के राजस्व पर क्या असर?

अधिक ईंधन ले जाने का अर्थ है कि विमानन कंपनियां कम माल और यात्रियों को ले जा पाती हैं। इससे उनके राजस्व पर सीधा असर पड़ता है। परिचालन लागत में भी वृद्धि हो रही है। ये सभी कारक विमानन क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। किदवई ने इन चुनौतियों के बावजूद बेहतर दिनों की उम्मीद व्यक्त की।

विमानन क्षेत्र में डीजीसीए की क्या भूमिका?

डीजीसीए केवल यात्रियों के अधिकारों पर ही ध्यान नहीं दे रहा है। हम एयरलाइंस के लिए भी चीजों को आसान बनाने का प्रयास कर रहे हैं। नियमों और विनियमों को सरल बनाकर कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि हमारी एयरलाइंस बढ़ें और फले-फूलें। किदवई ने यह बात राष्ट्रीय राजधानी में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) विमानन और पर्यटन शिखर सम्मेलन में कही।

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