जर्मनी के ड्यूश बैंक ने भी क्रिप्टोकरेंसी विकसित करने की दिशा में कदम उठा दिया है। जबकि पहले ड्यूश बैंक इस मामले में उलझन था। लेकिन कई सर्वेक्षणों में देखा गया कि लोग बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टो करेंसियों को लेकर आशंकित हैं। इसके मद्देनजर ड्यूश बैंक ने अपनी ऐसी मुद्रा विकसित करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि एक बड़े बैंक के समर्थन से चलने वाली ऐसी करेंसी के प्रति लोगों में अधिक भरोसा रहेगा।
ड्यूश बैंक के इस इरादे की जानकारी बीते दिसंबर में जारी हुई वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की रिपोर्ट में दी गई थी। लेकिन तब इस बात की तरफ लोगों का ध्यान नहीं गया। इस बारे में जानकारी अब मीडिया में चर्चित हुई है। वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी का सबसे बड़े बैंक ने अपने डिजिटल असेट कस्टडी प्रोटोटाइप की स्थापना की है। इस मॉडल का मकसद संस्थागत ग्राहकों और उनकी संपत्तियों के लिए एक पूर्णतया एकीकृत प्लेटफॉर्म निर्मित करना है। प्रयास यह है कि इस प्लेटफॉर्म का व्यापक क्रिप्टोकरेंसी इकोसिस्टम से साथ निर्बाध संपर्क कायम किया जा सके।
वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक ड्यूश बैंक ट्रेडिंग और टोकन जारी करने का प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी में है। बताया जाता है कि इसके जरिए डिजिटल संपत्तियों को परंपरागत बैंकिंग सेवाओं के साथ जोड़ दिया जाएगा। इससे विभिन्न प्रकार की डिजिटल संपत्तियों और होल्डिंग्स को एक सरल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। सबसे पहले ड्यूश बैंक संस्थागत निवेशकों को कस्टडी मुहैया कराएगा। संस्थागत निवेशकों के दायरे में मैनेजर, वेल्थ मैनेजर, कॉरपोरेट और डिजिटल फंड आएंगे। दूसरे चरण में रकम जमा कराने वालों को क्रिप्टो धारक बनने का मौका दिया जाएगा। इससे वे ब्रोकरों और शेयर बाजारों के जरिए खरीद-बिक्री कर पाएंगे। ड्यूश बैंक की योजना ऐसी सेवाओं को टैक्स अकाउंटिंग के साथ जोड़ने की है। आखिरी चरण में बैंक ग्राहकों को ट्रेडिंग और टोकन जारी करने से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक ड्यूश बैंक ने अपनी क्रिप्टोकरेंसी के कॉन्सेप्ट को मंजूरी दे दी है। अब वह इसी वर्ष इसकी शुरुआत करने की कोशिश में है। फिलहाल वह ये अंदाजा लगाने में जुटा है कि उसकी इस योजना में दुनिया भर के ग्राहकों की कितनी रुचि होगी।
बीते हफ्ते दुनिया के सबसे बड़े कस्टोडियन बैंक- बैंक ऑफ न्यूयॉर्क मेलॉन ने अपने ग्राहकों के लिए बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों को जमा करने की योजना का एलान किया था। अमेरिका की जायदाद प्रबंधक कंपनी ब्लैकरॉक और पेमेंट कंपनी स्क्वायर ने भी डिजिटल करेंसियों का समर्थन करने की घोषणा की है। क्रेडिट कार्ड चलाने वाली कंपनी मास्टरकार्ड पहले ही यह कह चुकी है कि वह इस साल के अंत तक कुछ क्रिप्टो करेंसियों को सपोर्ट करना शुरू कर देंगी। चीन पहले ही अपनी डिजिटल मुद्रा का प्रयोग शुरू कर चुका है।
ड्यूश बैंक के बारे में आई ताजा खबर से क्रिप्टो करेंसी बाजार को लेकर पहले से ही गर्म चर्चा को और बल मिल गया है। ड्यूश बैंक दुनिया का 21वां और यूरोप का छठा सबसे बड़ा बैंक है। उसकी संपत्ति डेढ़ खरब डॉलर से अधिक है। हालांकि ड्यूश बैंक ने इस बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन दो रोज पहले इस बारे में आई खबर के साथ बिटकॉइन का भाव 49,000 डॉलर तक चढ़ गया। बिटकॉइन दुनिया की पहली क्रिप्टोकरेंसी है।