नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजारों में चल रही अस्थिरता के बीच, नवंबर में 35 लाख से अधिक नए निवेशक शेयर बाजारों में शामिल हुए हैं। इस उछाल ने निवेशकों की कुल संख्या को नवंबर के अंत में 10.85 करोड़ तक पहुंचा दिया है, जबकि अक्तूबर में यह 10.5 करोड़ थी।
रिपोर्ट में कहा गया है, "बाजारों में लोगों की रुचि बढ़ने से आंकड़े बढ़े हैं। फरवरी में अद्वितीय निवेशकों (यूनिक इन्वेस्टर्स) की संख्या नौ करोड़, अगस्त में 10 करोड़ और वर्तमान में 10.85 करोड़ हो गई है। इन निवेशकों के व्यापार (यूसीसी) के माध्यम से खातों की संख्या लगभग 21 करोड़ है।"
पिछले महीने, एनएसई ने बताया था कि अगस्त में कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या 10 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई और अक्तूबर 2024 तक यह 10.5 करोड़ हो गई है। अगस्त में 10 करोड़ (100 मिलियन) का आंकड़ा पार करने के बाद अक्तूबर 2024 में कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या 10.5 करोड़ थी।
महाराष्ट्र सबसे अधिक पंजीकृत निवेशकों के साथ शेयर बाजार में निवेशक के मामले में देश में सबसे अव्वल बना हुआ है। राज्य में लगभग 1.8 करोड़ निवेशक हैं। हालांकि कुल निवेशक आधार की बात करें तो महाराष्ट्र की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2015 के लगभग 20 प्रतिशत से घटकर नवंबर 2024 में 16.5 प्रतिशत हो गई है।
उत्तर प्रदेश अपने निवेशक आधार में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। राज्य ने अप्रैल में एक करोड़ निवेशकों का आंकड़ा पार किया और नवंबर के अंत तक यह आंकड़ा 1.2 करोड़ निवेशकों तक पहुंच गया, यह कुल निवेशक आधार का 11.3 प्रतिशत है, जो वित्त वर्ष 2015 में 6.9 प्रतिशत था।
गुजरात 94.9 लाख निवेशकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि पश्चिम बंगाल और राजस्थान में क्रमशः 62.5 लाख और 61.4 लाख निवेशक हैं। इन पांच राज्यों में कुल पंजीकृत निवेशकों का 48.3 प्रतिशत हिस्सा है। दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्ट में शीर्ष 10 के अलावे अन्य राज्यों के बढ़ते योगदान का भी जिक्र किया गया है। इन राज्यों में अब कुल निवेशक आधार का 27 प्रतिशत हिस्सा है, जो वित्त वर्ष 2020 में 23 प्रतिशत था। बिहार और असम ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो छोटे क्षेत्रों में बाजार के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।