Reserve Bank: रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियों से ऐसे उत्पाद डिजाइन करने को कहा जो उपयोग में आसान हों और सभी के लिए सुलभ हों। इससे भारत को वित्तीय समावेशन हासिल करने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने में मदद मिलेगी।
फिनटेक कंपनियों से ऐसे उत्पाद डिजाइन करने चाहिए जो उपयोग में आसान हों और सभी के लिए सुलभ हों। इससे भारत को वित्तीय समावेशन हासिल करने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने में मदद मिलेगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को यह बात कही। ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 को संबोधित करते हुए मल्होत्रा ने बढ़ते डिजिटल धोखाधड़ी के मुद्दे को भी उठाया और इस समस्या को रोकने के लिए प्रयास करने की जोरदार वकालत की।
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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, "ऐसे उत्पाद और सेवाएं डिजाइन करें जो उपयोग में आसान हों, सभी के लिए सुलभ हों, सहायक प्रौद्योगिकियों के साथ हों, तथा यह सुनिश्चित करें कि वरिष्ठ नागरिक, सीमित डिजिटल साक्षरता वाले व्यक्ति और विशेष रूप से सक्षम व्यक्ति जैसे कमजोर समूह पीछे न छूट जाएं।"
भारत में एक जीवंत फिनटेक इकोसिस्टम मौजूद
मल्होत्रा ने बताया कि भारत में एक जीवंत फिनटेक इकोसिस्टम है और फिनटेक उद्योग ने बड़े पैमाने पर और सस्ती लागत पर वित्तीय सेवाएं प्रदान करना संभव बना दिया है। उन्होंने कहा कि देश में करीब 10,000 संस्थाएं हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) का उद्देश्य ऋणदाताओं के लिए वैकल्पिक ऋण मॉडल बनाने हेतु डेटा के उपयोग को सक्षम बनाना है। यह वैसा ही है जैसा कि यूपीआई ने भुगतान क्षेत्र में किया है।