तकनीक को लेकर हर अर्थव्यवस्था के सामने चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार, AI और GenAI पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं को अत्यधिक प्रशिक्षित कार्यबल की जरूरत होगी, लेकिन उनकी वृद्ध होती आबादी इस आवश्यकता को पूरा करने में सक्षम नहीं भी हो सकती। वहीं, श्रम-समृद्ध देशों के सामने चुनौती होगी कि वे अपने कार्यबल को नई तकनीकें समझने, अपनाने और इस्तेमाल करने लायक प्रशिक्षित करें, चाहे वे तकनीकें घरेलू स्तर पर विकसित हों या विदेशों से आयातित।
भारत आने वाले वर्षों में श्रम-समृद्ध अर्थव्यवस्था बना रहेगा
रिपोर्ट के अनुसार इस बीच भारत आने वाले वर्षों में श्रम-समृद्ध अर्थव्यवस्था बना रहेगा। जब दुनिया तेजी से लेबर बचाने वाली उन्नत तकनीकों की ओर बढ़ रही है, भारत की युवा आबादी उसके लिए एक बड़ी ताकत साबित हो सकती है। इसमें कहा गया है कि भारत के लिए मानव संसाधन का विकास यानी शिक्षा, स्किलिंग और ट्रेनिंग आने वाले समय में सबसे महत्वपूर्ण होगा।
भारत को मजबूत रोजगार वृद्धि अपनाने की जरूरत
रिपोर्ट का आकलन है कि लगातार विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए भारत को मजबूत रोजगार वृद्धि रणनीति अपनानी होगी और वास्तविक निवेश दर को जीडीपी के कम से कम 35% या उससे अधिक पर बनाए रखना होगा। इसके साथ ही तेज गति से तकनीक अपनाना और उच्च-आय वाले, श्रम-कमी वाले देशों के साथ आर्थिक रूप से गहरा जुड़ाव बनाना भारत की दीर्घकालिक वृद्धि रणनीति के अहम तत्व होंगे। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि इन सभी कारकों के सहारे भारत अगले 20 से 25 वर्षों में विकसित अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है।