इस साल नवबंर 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक 48 लाख शादियां होनी है। जिसका फायदा शादी ब्याह के बाजार को होगा। भारत का विवाह बाजार जो लगभग 130 बिलियन डॉलर का उद्योग है। खाद्य और किराना उद्योग के बाद शादी ब्याह का बाजार आता है। जिसका सीधा लाभ फैशन और कपड़े, मोटर वाहन, आभूषण, होटल, हनीमून यात्रा, बिस्तर और घर की सजावट जैसे उद्योगों को होता है। हाल ही में एक रिपोर्ट पेश की गई है जिसमें पता चला है कि विवाह बाजार बढ़ने से हनीमून यात्रा के बाजार में भी तेजी आई है। हनीमून पैकेजों की खोज में 30 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है। ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ओर एसओटीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय जोड़ों में हनीमून यात्रा को लेकर काफी बदलाव आया है, इसमें युवा अपने खर्च को भी बढ़ा रहे हैं। जिसमें सालाना आधार पर खर्च लगभग 10-15 प्रतिशत बढ़ा है।
समय की कमी के कारण मिनी-मून के पैकेज की मांग में इजाफा
रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में युवा जोड़ों के पास समय की कमी है, दोनों नौकरी करते हैं, ऐसे में छुट्टियां मिलना संभव नहीं होता, इसलिए मिनी-मून के पैकेज में वृद्धि हो रही है, जो दो से चार दिनों तक चलता है और नजदीकी के किसी जगह पर जाना पसंद किया जाता है। इसके बाद अक्सर लंबे, शानदार मेगा-मून होते हैं, जो सात-15 दिनों तक चलते हैं। इस प्रवृत्ति में बेबी-मून, माता-पिता बनने की खुशी मनाने के लिए एक प्री-बेबी एस्केप और माइलस्टोन एनिवर्सरी ट्रिप शामिल हैं, जिसमें सिल्वर और गोल्डन एनिवर्सरी के लिए अधिक लोग पैकेज बुक करते हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि हनीमून का चलन अब केवल महानगरो तक सीमित नहीं रह गया है, छोटे शहरों से भी मांग बढ़ रही है, जिसमें दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों के जोड़े क्यूरेटेड ट्रैवल एक्सपीरियंस को अपना रहे हैं। यह बदलाव क्षेत्रीय भारत में बढ़ती समृद्धि और जागरूकता को दर्शाता है।
हनीमून के लिए पसंदीदा जगहें
रिपोर्ट बताती है कि भारत में हनीमून मनाने के लिए पसंदीदा जगहों में अंडमान पहले नबंर पर है। इसके बाद केरल और मनाली मुख्य है। विदेश में जो कि छोटी दूरी के देश है वहां हनीमून मनाने के लिए युवा जोड़ा बाली जाना पहले पसंद करते हैं, उसके बाद थाईलैंड, मालदीव तथा मलेशिया को पसंद कर रहे हैं। जबकि लंबी दूरी के लिए फ्रांस, ग्रीस, मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम, फिजी, अजरबैजान, जॉर्जिया, ओमान, हंगरी, चेक गणराज्य कुछ ऐसे जगहे हैं जिन्हें लोग अपने बेहतरीन हनीमून के लिए तलाश करते हैं।
शादी ब्याह का बाजार
निवेश बैंकिंग और पूंजी बाजार फर्म जेफरीज की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय विवाह बाजार अमेरिकी बाजार से दोगुना बड़ा है, लेकिन चीन से छोटा है। भारत का विवाह बाजार जो लगभग 130 बिलियन डॉलर का उद्योग है, जो 2025 तक 10 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। देश में शादी पर औसतन खर्च लगभग 15,000 डॉलर यानी 12.5 लाख रुपये होता है। भारत में लोग शिक्षा से अधिक शादियों में दोगुना खर्च करते हैं। आंंकड़ों के अनुसार शादी पर औसत खर्च भारत के प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2,900 डॉलर (2.4 लाख रुपये से अधिक) का लगभग पांच गुना और औसत वार्षिक घरेलू आय लगभग 4 लाख रुपये से तीन गुना अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विवाह व्यय जीडीपी अनुपात 5 गुना है जो कई अन्य देशों की तुलना में काफी अधिक है। जानकारों का कहना है कि शादी के बाजार में शामिल सबसे आम क्षेत्र फैशन और कपड़े, मोटर वाहन, आभूषण, होटल, हनीमून यात्रा, बिस्तर और घर की सजावट हैं।