अस्थाई तौर पर बंद हो चुकी जेट एयरवेज के यात्रियों को जल्द राहत मिल सकती है। रद्द हुए टिकट के रिफंड और वैकल्पिक उड़ानों के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय एक मई को सुनवाई करेगा। हालांकि कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करने के बाद नाराजगी भी जताते हुए कहा कि यह केवल प्रचार का तरीका है।
याचिका में नागर विमानन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जेट एयरवेज में टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। जेट एयरवेज ने पिछले सप्ताह अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अस्थाई तौर पर रोक दिया था।
हालांकि मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति ए जे भंभानी की पीठ ने कहा कि यह यचिका केवल प्रचार के लिए दाखिल की गई है। पीठ ने कहा कि याचिका अदालत में सुनवाई के लिए आने से पहले मीडिया की सुर्खियों में थी।