दिल्ली हाईकोर्ट ने आइसक्रीम ब्रांड नैचुरल आइसक्रीम (NIC) के निर्माताओं को अपने उत्पादों में ‘नैचुरल या नैचुरल्स’ का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए कहा है कि वादी जो कि नैचुरल्स आइसक्रीम के निर्माता हैं उनका एकपक्षीय निषेधाज्ञा का मामला प्रथम दृष्टया बनता है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि सुविधा का संतुलन भी वादी के पक्ष में है और यदि एकतरफा निषेधाज्ञा नहीं दी जाती है तो वादी को अपूरणीय क्षति होने की संभावना है।
ऐसे में कोर्ट ने एनआईसी नैचुरल्स आइसक्रीम के निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे वादी सिद्धांत आइसक्रीम्स एलएलपी के ब्रांड नाम नैचुरल्स, नैचुरल्स, एनआईसी नेचुरल आइसक्रीम या एनआईसी आदि का इस्तेमाल अपने उत्पादों की पैकेजिंग में नहीं करेंगे।
कोर्ट ने nicicecreams.com, nicnaturalicecreams.com नाम के डोमेन नेम के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने एनआईसी नैचुरल्स आइसक्रीम्स के निर्माताओं अमीत पहिलानी और अन्य को समन भी जारी किया है।