फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रधानमंत्री जी, जीएसटीएन तो काम ही नहीं कर रहा है

Sun, 01 Jul 2018 05:18 AM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री जी, जीएसटीएन (गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क) ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है। आए दिन साइट के हैंग होने, तकनीकी समस्या आने की शिकायत बनी हुई है।  हालत यह है कि बड़ी-बड़ी टैक्स की चोरियां पकडऩे वाले स्टेट जीएसटी अफसरों को व्यापारियों और उत्पादन क्षेत्र से जुड़े लोगों, कारोबारियों को अपने निजी ई-मेल से नोटिस भेजने पड़ रहे हैं। ऐसा तब है जब जीएसटी को लागू हुए करीब एक साल हो चला है। 
विज्ञापन


200 कंपनियों को भेजा गया नोटिस
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। सूत्र का कहना है कि जीएसटीएन का सुचारु रूप से चलना एक बड़ा सवाल बना हुआ है। डेटा मानिटरिंग के बाद 200 से अधिक कंपनियों द्वारा टैक्स की अदायगी में हेर-फेर किए जाने का उन्हें नोटिस भी भेजा जा चुका है। 

उ.प्र. के एक जीएसटी अफसर ने शुक्रवार को बड़ी टैक्स की चोरी पकड़ी, लेकिन इसके लिए उन्हें नाको चने चबाने पड़े। स्टेट अफसर का कहना है कि जीएसटीएन (गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क प्रणाली) के ठीक ढंग से काम न कर पाने के कारण हो रहा है। इसके चलते व्यापारी और कारोबारी इसका आसानी से लाभ ले रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

अफसरों को भी हो रही है परेशानी

जीएसटी
वहीं जीएसटी से जुड़े अफसरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्र का कहना है कि इस बड़ी चोरी के लिए जब वह संबंधित कारोबारी को नोटिस भेजना चाहा तो उसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद नोटिस नहीं भेजा जा सका। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र का कहना है कि यह समस्या कोई एक दो दिन की नहीं है, बल्कि यह लगातार बनी हुई है और जीएसटीएन प्रॉपर तरीके से काम नहीं कर पा रहा है। 

दो-तीन साल में दिखेगा जीएसटी का असर
बताते हैं जीएसटीएन प्रणाली में कुछ निजी क्षेत्र की आईटी कंपनियां भी शामिल हैं। केन्द्र सरकार के स्तर से इसको लेकर चाहे जो दावे किए जाएं, लेकिन हकीकत इसके काफी उलट है। हालांकि सूत्र का कहना है कि जीएसटी लागू होने जाने के बाद जटिलताएं काफी खत्म हो गई हैं।

टैक्स की चोरी पकडऩे में आसानी हो रही है और कारोबारियों, व्यपारियों के लिए भी प्रक्रिया काफी आसान हो चुकी है। आईआरएस कॉडर के एक अधिकारी का कहना है कि आने वाले समय में जीएसटी से बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि प्रक्रियाएं ठीक ढंग से काम करें।  

जीएसटी ने तमाम छोटे स्तर के कारोबारियों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उन्हें जरूर कठिनाई आ रही है, लेकिन बड़े पैमाने समस्या का समाधान भी हुआ है। अब कारोबारी इसके प्रभाव से बाहर रहे हैं और अगले दो-तीन साल में इसके काफी अच्छे नतीजे आ सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें