वैश्विक स्तर पर अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ में सतत विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत के अग्रणी अनुसंधान संस्थान रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आईआरएस) में स्थापित DAKSHIN- ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जापान के 'इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपिंग इकोनॉमीज- जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन' (IDE-JETRO) ने आपस में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक समझौता जापान के चिबा शहर में संपन्न हुआ। इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान उत्पन्न करना और ग्लोबल साउथ के देशों के लिए विकास से जुड़े नए और व्यावहारिक समाधान तैयार करना है।
इस रणनीतिक साझेदारी पत्र (एलओए) पर आरआईएस के महानिदेशक प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार शर्मा और आईडीई-जेट्रो के अध्यक्ष डॉ. फुकुनारी किमुरा ने हस्ताक्षर किए। इस हस्ताक्षर समारोह में 'दक्षिण' और आरआईएस के सीनियर प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें 'दक्षिण' के समन्वयक डॉ. राजन सुदेश रत्न, आरआईएस के प्रोफेसर डॉ. प्रबीर डे, आरआईएस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रियदर्शी दाश और और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पंकज वशिष्ठ शामिल थे।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों के सामने आने वाली विविध चुनौतियों का समाधान करने वाले ऐसे विकास समाधानों की पहचान करना है जो स्थानीय रूप से प्रासंगिक, दोहराए जाने योग्य और बड़े पैमाने पर लागू करने योग्य हों। इसके अतिरिक्त, इस साझेदारी के माध्यम से साक्ष्य-आधारित नीतिगत जुड़ाव और संस्थागत सहयोग द्वारा इन समाधानों के कार्यान्वयन को सुगम बनाने का प्रयास किया जाएगा।