केंद्र सरकार ने पिछली बार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते एवं महंगाई राहत में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके चलते जनवरी 2025 से लागू हुए डीए/डीआर की दर 55 पर पहुंच गई थी। अब छह माह बाद फिर से डीए/डीआर की दरों में बदलाव संभावित है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर रखी है। इसकी सिफारिशें पहली जनवरी 2026 से लागू होनी हैं। हालांकि अभी तक आयोग के चेयरमैन व सदस्यों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
समूह मार्च 2025 अप्रैल 2025
खाद्य एवं पेय 146.2 146.5
पान, सुपारी, तंबाकू एवं 164.8 165.8
नशीले पदार्थ
कपड़े एवं जूते 149.4 150.4
आवास 134.6 134.6
ईंधन एवं प्रकाश 148.5 152.4
विविध 138.6 139.0
सामान्य सूचकांक 140.1 140.6
खाद्य एवं पेय 146.9
पान, सुपारी, तंबाकू एवं 166.6
नशीले पदार्थ
कपड़े एवं जूते 151.0
आवास 134.6
ईंधन एवं प्रकाश 153.6
विविध 141.4
सामान्य सूचकांक 144.0
खाद्य एवं पेय 148.6
पान, सुपारी, तंबाकू एवं 167.4
नशीले पदार्थ
कपड़े एवं जूते 152.0
आवास 134.6
ईंधन एवं प्रकाश 153.5
विविध 142.0
सामान्य सूचकांक 145.0
कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने इस साल संसद के बजट सत्र से पहले कैबिनेट सचिव को एक पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने महंगाई भत्ता/महंगाई राहत यानी 'डीए/डीआर' की गणना का कैलकुलेटर बदलने की मांग की थी। डीए की दर तय करने के लिए 12 महीने के औसत को तीन महीने के औसत से बदला जाना चाहिए। मतलब, परिवर्तनीय डीए दिया जाए। इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को हर तीन महीने में वास्तविक मूल्य वृद्धि से मुआवजा मिल सकेगा। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों का डीए इसी आधार पर तय होता है।
इतना ही नहीं, केंद्रीय कर्मियों और पेंशनरों के लिए अलग से 'उपभोक्ता मूल्य सूचकांक' तैयार करने की मांग की गई है। बतौर यादव, बैंकिंग कर्मचारियों का डीए हर साल प्रत्येक तिमाही यानी फरवरी-अप्रैल, मई-जुलाई, अगस्त-अक्टूबर और नवंबर-जनवरी में संशोधित किया जाता है।
यदि जनवरी में मूल्य वृद्धि हो रही है, तो इसकी आंशिक भरपाई 12 महीनों के बाद की जाती है। डीए की गणना और भुगतान छह महीने के बजाय हर तीन महीने में किया जाना चाहिए। पॉइंट टू पॉइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। अब डीए को न्यूनतम मूल्य पर राउंड ऑफ किया जाता है। जैसे हम 42.90% डीए के लिए पात्र हैं तो हमें केवल 42% डीए स्वीकृत किया जाता है। 0.9% डीए से केंद्रीय कर्मचारियों को छह महीने तक वंचित किया जाता है। केंद्र सरकार के कर्मियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए प्रदान किया जाना चाहिए। बैंकों और एलआईसी के कर्मचारियों को प्वाइंट-टू-प्वाइंट डीए मिलता है। कर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए अलग से उपभोक्ता सूचकांक का निर्माण करने की मांग की गई है।