आईएमएफ के अनुमान से ज्यादा रहेगी अगले साल विकास दर
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि अगले साल भारत की विकास दर अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक कोष (आईएमएफ) के अनुमान से ज्यादा रहेगा। आईएमएफ ने इस साल 6.8 फीसदी और अगले साल 6.1 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है। नागेश्वरन ने कहा कि उन्हें आने वाले सालों में वृद्धि दर इस अनुमान से कहीं अधिक रहने की उम्मीद है।
एक दशक तक सुस्त रहने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक डिजिटल ढांचे ने एक स्तर को पार कर लिया है और यह देश की अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने के साथ ही ऊंची वृद्धि दर में भी योगदान देगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में छह फीसदी के बुनियादी आंकड़े में 0.5-0.8 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। राजकोषीय नीति और मौद्रिक नीति में आमतौर पर एक-दूसरे से तालमेल होता है।
इस साल 44% बढ़ सकती है नए मकानों की आपूर्ति
इस साल में नए मकानो की आपूर्ति में 44 फीसदी की तेजी आ सकती है। देश के शीर्ष सात शहरों में कुल 3.4 लाख यूनिट्स तैयार हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर तक सात शहरों में 2.65 लाख मकान लॉन्च हुए हैं। इनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बंगलूरू, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता हैं। चालू रुझान से पता चलता है कि नए मकानों की लॉन्चिंग में तेजी आएगी।
दिल्ली-एनसीआर में 80 लाख रुपये से कम कीमत वाले मकानों की पसंद सबसे ज्यादा रही है। 2021 में एनसीआर में कुल 40,053 मकान बिके थे। 2017 से लेकर 2021 के दौरान कुल 1.58 लाख से ज्यादा मकान बनाए गए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिग्नेचर ग्लोबल ने इन क्षेत्रों में अच्छा काम किया है। 2019 से 2021 के बीच इसकी हिस्सेदारी कुल मकानों में 9% रही है।