क्रिप्टोकरेंसी बाजार में गुरुवार को एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली। बिटकॉइन में तेज बिकवाली के चलते बाजार में नई लिक्विडेशन लहर आई, जिससे प्रमुख ऑल्टकॉइन भी कई हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए।
कोइनगेको के आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन पिछले 24 घंटों में 5.6 प्रतिशत गिरकर 1,04,853 डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं इस गिरावट से कुल क्रिप्टो बाजार पूंजीकरण घटकर 3.64 ट्रिलियन डॉलर रह गया। यह जुलाई के बाद से इसका सबसे नीचला स्तर है।
मार्केट-मेकिंग फर्म कैलाडन के शोध प्रमुख डेरेक लिम ने डिक्रिप्ट को बताया कि हालिया क्रिप्टो बाजार में आई तेज गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी क्षेत्रीय बैंकिंग सेक्टर की स्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। उन्होंने बताया कि यह घबराहट अमेरिकी क्षेत्रीय बैंकों में ऋण पुस्तिका से जुड़ी समस्याओं की खबरों से शुरू हुई। इनमें जायंस बैनकॉरपोरेशन और वेस्टर्न अलायंस जैसे ऋणदाता शामिल हैं। इन खबरों के बाद अमेरिकी बैंक शेयरों में तेज बिकवाली हुई, जिसका असर जोखिमपूर्ण परिसंपत्तियों-जैसे क्रिप्टो-पर भी पड़ा।
लिम ने कहा कि जैसे-जैसे वित्तीय क्षेत्र में चिंताएं बढ़ीं, निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा लगभग सभी बाजारों में कमजोर पड़ी। स्वाभाविक रूप से, क्रिप्टो बाजार भी नीचे आया क्योंकि ट्रेडर्स सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर भागे।
पिछले हफ्ते की फ्लैश क्रैश से पहले से कमजोर पड़े ऑल्टकॉइन्स ने इस बार और गहरी गिरावट झेली।
कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, बाजार में कुल 1.09 अरब डॉलर की लिक्विडेशन हुई। इनमें से 55% से अधिक बिटकॉइन और एथेरियम ट्रेडर्स से जुड़ी थी। यह संकेत देता है कि लेवरेज्ड पोजिशन में भारी अनवाइंडिंग हुई है।
फिलहाल जहां बाजार में शॉर्ट-टर्म दृष्टिकोण बेयरिश (नकारात्मक) बना हुआ है, वहीं लिम का कहना है कि क्रिप्टो बाजार की दीर्घकालिक संरचना अब भी बुलिश मार्केट स्ट्रक्चर में है।