भारत के क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज CoinDCX की सुरक्षा में सेंध लग गई है। CoinDCX ने बताया कि शनिवार सुबह उसके आंतरिक परिचालन खाते को हैक किया गया। इससे उसे 44 मिलियन डॉलर (लगभग 368 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ। हालांकि कंपनी ने कहा कि उसके खाताधारकों के व्यक्तिगत फंड पूरी तरह से सुरक्षित हैं। आइए जानते हैं कैसे हुआ यह साइबर हमला...?
CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता ने सोशल मीडिया पर बताया कि सर्वर में आई गड़बड़ी के चलते हैकर्स साइबर हमले में कामयाब हो गए। हमले का पता चलने के तुरंत बाद हमने एहतियात के तौर पर अपने Web3 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से रोक दिया।
उन्होंने कहा कि हैक किए गए खाते का उपयोग केवल साझेदार एक्सचेंज पर तरलता संचालन के लिए किया गया था और इसमें किसी भी ग्राहक की संपत्ति नहीं थी। हालांकि, अब यह फिर से चालू हो गया है। मुख्य क्रिप्टो एक्सचेंज पर नियमित ट्रेडिंग और INR निकासी नहीं रोकी गई। यूजर्स बिना किसी समस्या के प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई पूरी तरह से कंपनी के राजकोषीय भंडार से की जाएगी। उन्होंने निवेशकों को नहीं घबराने की सलाह दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि घबराएं नहीं, अपनी संपत्तियां बेच दें। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे कदमों से अक्सर कीमतें गिरती हैं और अनावश्यक नुकसान होता है। बाजार को स्थिर होने दें। शांत रहें और आत्मविश्वास बनाए रखें।
इस घटना ने यूजर्स को हिलाकर रख दिया है, लेकिन CoinDCX ने जांच पूरी होने के बाद सभी सत्यापित विवरण साझा करने का वादा किया है। सुमति गुप्ता ने कहा कि यह सिर्फ एक आंतरिक मामला नहीं है। यह वैश्विक स्तर पर क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के सामने आने वाले खतरों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और भारत में एक सुरक्षित और भरोसेमंद क्रिप्टो तंत्र के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
कंपनी कर रही जांच
उन्होंने कहा कि कंपनी की आंतरिक सुरक्षा टीम वर्तमान में वैश्विक साइबर सुरक्षा साझेदारों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही है। टीम कमियों को दूर करने और चोरी की गई धनराशि का पता लगाने के लिए काम कर रही है। इसके अलावा CoinDCX जल्द ही एक बग बाउंटी प्रोग्राम भी शुरू करने की योजना बना रहा है। यह प्रोग्राम एथिकल हैकर्स को इनाम के बदले सिस्टम में किसी भी कमजोरी की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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पहले भी हो चुकी हैकिंग
देश में पहले भी प्रमुख भारतीय एक्सचेंज को हैक किया जा चुका है। पिछले साल वजीरएक्स को निजी कीपैड से जुड़ी सुरक्षा चूक के कारण 23 करोड़ डॉलर से ज़्यादा की क्रिप्टोकरेंसी का नुकसान हुआ था। यह हैकिंग ऐसे वक्त में हुई है, जब भारत में क्रिप्टो सुरक्षा सुर्खियों में है। सरकार जल्द ही अपना पहला क्रिप्टो नीति पर आदेश जारी करने वाली है। इससे इस क्षेत्र के लिए नियम तय होंगे।