Union Budget 2025: भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स संघ परिसंघ (क्रेडाई), जो 13,000 से अधिक डेवलपर्स का इस क्षेत्र के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के समाधान के लिए आगामी केंद्रीय बजट के लिए कई सुझाव दिए हैं। क्रेडाई ने सरकार से अनुराेध किया है कि किफायती आवास परियोजनाओं पर आयकर की दर केवल 15 प्रतिशत तय की जानी चाहिए। इससे सस्ते घरों आपूर्ति में सुधार होगा, जिससे सबसे अधिक आम लोग लाभान्वित होंगे। क्रेडाई को बजट से क्या अपेक्षाएं हैं, आइए जानें।
रियल एस्टेट सेक्टर के शीर्ष संगठन क्रेडाई ने सरकार को सुझाव दिया है कि बजट 2025 में किफायती आवास परियोजनाओं पर आयकर की दर केवल 15 प्रतिशत तय की जानी चाहिए। क्रेडाई के अनुसार इस कदम से कम लागत वाले मकानों की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिनकी सबसे ज्यादा मांग है। भारतीय रियल एस्टेट डेवलपर्स संघ परिसंघ (क्रेडाई), जो 13,000 से अधिक डेवलपर्स का प्रतिनिधित्व करता है, ने इस क्षेत्र के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों के समाधान के लिए आगामी केंद्रीय बजट के लिए कई सुझाव दिए हैं।
बजट 2025 से रियल एस्टेट सेक्टर को सरकार से क्या चाहिए?
क्रेडाई की सिफारिशों में किफायती आवास की परिभाषा में संशोधन, किफायती घर बनाने के लिए रियल एस्टेट कंपनियों को कर में छूट और आवास ऋण पर व्यक्तियों की ओर से चुकाए जाने वाले मूलधन और ब्याज पर कटौती की सीमा बढ़ाना शामिल है। क्रेडाई ने पिछले कुछ वर्षों में कुल ताजा आपूर्ति में किफायती आवासों की घटती हिस्सेदारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। आपूर्ति में कमी के साथ, कुल बिक्री में किफायती घरों की हिस्सेदारी भी कम हो गई है। संगठन ने इस गिरावट की प्रवृत्ति को प्राथमिकता के आधार पर रोकने की आवश्यकता पर बल दिया है।
सरकार से मदद मिली तो डेवलपर्स किफायती आवास योजनाओं पर देंगे ध्यान
एसोसिएशन ने कहा, "किफायती आवास की आपूर्ति को बढ़ावा देने के लिए, क्रेडाई ने विनिर्माण कंपनियों के लिए वर्तमान में उपलब्ध 15 प्रतिशत की निम्न आयकर दर को किफायती आवास परियोजनाओं पर भी लागू करने की सिफारिश की है।" उद्योग निकाय का मानना है कि इस उपाय से डेवलपर्स को किफायती आवास विकास पर अपना ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। 2017 में किफायती आवास की परिभाषा लागू होने के बाद से रियल एस्टेट क्षेत्र में कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि के साथ, क्रेडाई ने सरकार से 45 लाख रुपये की मौजूदा सीमा को संशोधित करने का आग्रह किया है।
जीडीपी, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के निर्माण में सेक्टर का अहम योगदान
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोमन ईरानी ने कहा, "जीडीपी, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे में अपने व्यापक योगदान के साथ, भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र हमेशा राष्ट्र निर्माण में सबसे आगे रहा है। वर्तमान में भारत के जीडीपी के लगभग 53 प्रतिशत (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से) को प्रभावित करने वाला और 8 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को रोजगार देने वाला यह क्षेत्र 40 करोड़ भारतीयों की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखता है, जिनके पास पर्याप्त घर नहीं हैं।"
सात वर्षों में सात करोड़ नए घर और दो करोड़ नए रोजगार देने का लक्ष्य
ईरानी ने कहा कि हमारा विजन अगले सात वर्षों में सात करोड़ घर उपलब्ध कराने और दो करोड़ नए रोजगार देने का है। बजट 2025 के लिए क्रेडाई की सिफारिशों का उद्देश्य दीर्घकालिक चुनौतियों का समाधान करना और क्षेत्र की वास्तविक क्षमता को सामने लाना है। ईरानी ने कहा, "हमें विश्वास है कि ये उपाय विकास को गति देंगे, घर खरीदने वालों को सशक्त बनाएंगे और भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देंगे।"