लॉकडाउन और कोरोना संकट के बीच असंगठित क्षेत्र के 2.11 करोड़ कामगारों को पेंशन फंड नियामक (पीएफआरडीए) ने बड़ी राहत दी है। नियामक ने कहा है कि 30 जून, 2020 तक कामगारों के खाते से अटल पेंशन योजना में अंशदान की कटौती नहीं की जाएगी।
भारत सरकार की इस योजना के अधिकतर खाताधारकों में असंगठित क्षेत्र के कामगार शामिल हैं। इसमें अंशदान नकदी जमा की जगह ऑटो डेबिट किया जाता है, जिस पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। पीएफआरडीए के सर्कुलर के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान टाले गए अंशदान को 1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच कराया जा सकेगा। इसके भुगतान पर अंशधारक को कोई जुर्माना नहीं देना होगा। आमतौर पर इसमें भुगतान में देरी होने पर 1 फीसदी जुर्माना लगता है।
हालांकि, अंशधारक को बकाया अंशदान के साथ ही जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का योगदान भी साथ करना होगा। 31 मार्च, 2020 तक अटल पेंशन योजना के तहत कुल 2.11 करोड़ अंशधारक जुड़ चुके हैं। इसके तहत 10,526 करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन किया जा रहा है। वहीं, एनपीएस के तहत 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति का प्रबंधन होता है। इस योजना से संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को जोड़ा जाता है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के कर्मचारी भी आते हैं।
हर महीने मिलेगी 5 हजार तक पेेंशन
अटल पेंशन योजना में अंशधारक हर महीने 1,000 से लेकर 5,000 रुपये तक निवेश कर सकते हैं। इसमें 18 साल से 40 साल तक का व्यक्ति 60 साल की रिटायरमेंट उम्र तक निवेश कर सकता है। यह पेंशन पूरी तरह टैक्स के दायरे में आएगी और 60 साल के बाद लाभार्थी को आजीवन 5 हजार रुपये तक हर महीने पेंशन मिलती रहेगी।