ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी राजेश कुमार का कहना है कि कोविड-19 संकट कारोबार और खासतौर पर छोटे उद्योगों के लिए नई चुनौतियां पेश कर रही है। ये चुनौतियां आर्थिक माहौल में अचानक बदलाव के लिहाज से अक्सर ज्यादा संवेदनशील होती हैं। एजेंसी ने कहा, सीएमआर-7 से सीएमआर-10 के उच्चतम जोखिम वाले दायरे में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) का 2.32 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। इसके एनपीए होने की आशंका सबसे ज्यादा है।
आरबीआई के कदम से 90 लाख कारोबारियों को राहत
कोविड-19 संकट से निपटने के लिए आरबीआई ने उद्योगों का कर्ज भुगतान में तीन महीने की राहत दी है। इससे 50 करोड़ रुपये से कम कर्ज वाले 90 लाख कारोबारियों को राहत मिल सकती है। इनमें 10 लाख रुपये से कम कर्ज वाले 55 लाख उद्योग भी शामिल हैं। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि केंद्रीय बैंक की ओर से यह राहत बहुत महत्वपूर्ण समय में दी गई है। इससे न सिर्फ छोटे उद्योगों को मदद मिलेगी और अर्थव्यवस्था में भी तेजी आएगी।