कोरोना वायरस की मार पूरी दुनिया झेल रही है। दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए फिर से पाबंदी लगाने की भी चर्चा हो रही है। दुनिया के सबसे अमीर देशों में शामिल कुवैत भी इससे बच नहीं पाया है। रेटिंग एजेंसी मूडीज ने लिक्विडिटी रिस्क और कमजोर गवर्नेंस व इंस्टीट्यूशनल स्ट्रेंथ का हवाला देते हुए कुवैत की रेटिंग को डाउनग्रेड कर दिया है।
पहली बार डाउनग्रेड हुई रेटिंग
मालूम हो कि यह पहली बार है, जब मूडीज ने कुवैत की रेटिंग को डाउनग्रेड किया हो। मूडीज इनवेस्टर सर्विस ने कुवैत की रेटिंग A1 से घटाकर Aa2 कर दी है। दरअसल कोरोना वायरस महामारी से तेल की कीमतों में भारी कमी आई है। साथ ही नए कर्ज कानून को लेकर सरकार और संसद में तकरार से सरकारी खर्च में तेजी नहीं आ पा रही है। लेकिन 140 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था पर अब 46 अरब डॉलर के घाटे की तलवार लटक रही है।
इसलिए घटाई रेटिंग
खाड़ी देश कुवैत के पास तेल का भंडार है। लेकिन तेल की कीमतों में तेज कमी गिरावट आने से उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस संदर्भ में रेटिंग एजेंसी ने कहा कि फ्यूचर जेनेरेशन फंड (FGF) में रखी गई सॉवरेन वेल्थ फंड एसेट्स (SWFA) पर कर्ज जारी करने या लेने के लिए कानूनी मंजूरी नहीं होने के कारण मौजूदा नकदी संसाधन खत्म होने के करीब हैं। सितंबर में कुवैत को बचत के लिए 2020-21 के बजट में तीन अरब डॉलर की कटौती करनी पड़ी थी। सरकार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों से पैसा लगाने के लिए बात कर सकती है।