समूह ने कहा है कि इस कदम से सरकार के नीति निर्धारण में पारदर्शिता का पता चलता है, जिसके चलते विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। अमेरिका भारत रणनीतिक एवं साझेदारी मंच (USISPF) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लॉकडाउन के फैसले को सही बताया।
मुकेश अघी ने कहा कि, 'मैं अमेरिका में हर जगह सुन रहा हूं कि लॉकडाउन करना सही था और यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दर्शाता है। उम्मीद है कि तीन सप्ताह के समय में भारत में चीजें अधिक नियंत्रण में होंगी।'
बहुत आकर्षक बाजार है भारत
हालांकि, इस चुनौतीपूर्ण समय को भारत के लिए एक अवसर में बदला जा सकता है। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत एक 'बहुत ही आकर्षक बाजार' है और 'ये सही है कि आपके सामने यह व्यवधान है लेकिन यह पूरी दुनिया में है और भारत कोई अपवाद नहीं है। वास्तव में, मुझे लगता है कि यह संकट भारत के लिए एक अवसर है।'
नीति निर्धारण में पारदर्शी है भारत
उन्होंने प्रधानमंत्री के बंद की घोषणा पर कहा कि इससे दुनिया को संदेश गया है कि चीन के विपरीत भारत अपने नीति निर्धारण में 'खुला और पारदर्शी' है। इसलिए वास्तव में कंपनियां वहां आगे बढ़ेंगी, जहां उन्हें लगता है कि अधिक खुलापन, अधिक पारदर्शिता है।
साथ ही उन्होंने कहा कि चूंकि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ जुड़ा हुआ है, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बंद के दौरान वैश्विक आपूर्ति पर प्रभाव ना हो।
भारत में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन
कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन चुका है। भारत में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर भारत में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है। लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब संक्रमित मरीजों की संख्या 873 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 149 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 79 लोग या तो ठीक हो गए या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जबकी 19 की मौत हो चुकी है।